जालंधर: सर्दियों में बढ़ते कोहरे और उससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए जालंधर प्रशासन ने आवारा जानवरों के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। शहर की मुख्य सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से पिछले दो महीनों के भीतर 70 से अधिक आवारा पशुओं को हटाकर गौशालाओं में भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि कोहरे में ये जानवर दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
1,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी पूरी
भारत में बढ़ती डॉग-बाइट की शिकायतों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जालंधर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम को तेज किया गया है। वार्ड नंबर 10 और 11 में चलाए गए अभियान में अब तक 1,017 से अधिक कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि इन दोनों वार्डों में लक्ष्य पूरा होने के बाद अब वार्ड 8 और 9 में अभियान शुरू किया जा रहा है। आने वाले महीनों में यह प्रक्रिया पूरे शहर के हर वार्ड में लागू की जाएगी ताकि आवारा कुत्तों की संख्या पर स्थायी नियंत्रण किया जा सके।
शहर को आवारा जानवरों से मुक्त करने की दिशा में तेज़ी
DC अग्रवाल ने सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (SPCA) के साथ बैठक कर सड़क सुरक्षा और जानवरों की भलाई पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों को आवारा जानवरों से मुक्त करना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिससे नागरिक बिना डर के आवाजाही कर सकें।
डेयरी और किसानों से अपील-जानवर सड़कों पर न छोड़ें
डॉ. अग्रवाल ने साफ कहा कि कई बार डेयरी संचालक या किसान अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें बल्कि सरकारी गौशालाओं में दान करें, जहां उनकी देखभाल ठीक तरीके से हो सके।
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नई गौशाला निर्माण और क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर
शहर में बढ़ रही जरूरत को देखते हुए प्रशासन ने करतारपुर की नई गौशाला का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कानिया कलां स्थित गौशाला की क्षमता बढ़ाने की योजना भी तेज कर दी गई है। DC ने संबंधित विभागों को ‘काउ सेस’ की रिकवरी समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा ताकि गौशालाओं का संचालन और देखभाल सही तरीके से हो सके।
शिकायतों के लिए WhatsApp एक्शन हेल्पलाइन जारी
नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर आवारा जानवरों से जुड़ी शिकायतों को तत्काल समाधान देने के लिए WhatsApp हेल्पलाइन 96462-22555 शुरू की है। लोग इस नंबर पर तस्वीर, वीडियो या लोकेशन भेजकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं, जिस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

