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जालंधर प्रशासन की सख्त चेतावनी, ये गलतियां करने वालों होगा एक्शन, DC ने दिए निर्देश

Jalandhar DC Himanshu Agarwal : पंजाब डेस्क: जालंधर शहर में बरसात की शुरुआत के साथ ही डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने एक अहम कदम उठाते हुए सभी खाली प्लॉट मालिकों को 10 दिनों के भीतर सफाई करवाने का अल्टीमेटम दे दिया है। आदेश के अनुसार, 10 जुलाई तक सफाई नहीं होने पर संबंधित मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

-खाली प्लॉट बने बीमारी के अड्डे

बरसात में पानी भरने और गंदगी जमा होने से मच्छरों और बैक्टीरिया का तेजी से फैलाव होता है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह केवल स्वच्छता का मामला नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

-कानूनी आदेश के तहत कार्रवाई

डिप्टी कमिश्नर ने बीएनएस अधिनियम की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि अब खाली प्लॉटों की सफाई महज एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी अनिवार्यता है। तय समय सीमा तक सफाई न होने पर न केवल प्रशासन खुद सफाई करवाएगा, बल्कि इसका खर्च संबंधित मालिक से वसूला जाएगा। साथ ही अतिरिक्त जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी होगी।

-बाउंड्री वॉल बनाना भी होगा जरूरी

प्रशासन ने खाली प्लॉटों की सीमा तय करने के लिए बाउंड्री फेसिंग अनिवार्य कर दी है, जिससे बाहर से कोई व्यक्ति कूड़ा-कचरा न फेंक सके। यह कदम न सिर्फ अवैध डंपिंग रोकने के लिए है, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए भी जरूरी माना गया है।

-सरकारी विभाग भी आए दायरे में

यह निर्देश केवल निजी प्लॉट मालिकों तक सीमित नहीं हैं। सभी सरकारी विभागों को भी अपनी परिसंपत्तियों की सफाई सुनिश्चित करनी होगी। जिला प्रशासन ने विशेष निगरानी के लिए एडीसी और नगर निगम अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

-स्वच्छता नहीं अब विकल्प, ये अनिवार्यता है

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।”

-10 दिन बाद सख्त एक्शन तय

यदि 10 जुलाई तक संबंधित प्लॉटों की सफाई नहीं होती है, तो प्रशासन खुद सफाई अभियान चलाएगा और उसकी लागत सीधे प्लॉट मालिकों से वसूली जाएगी। इसके अलावा, गंभीर मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

निष्कर्ष: जालंधर प्रशासन का यह सख्त कदम न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देगा, बल्कि वेक्टर जनित बीमारियों को रोकने में भी मदद करेगा। यह समय सभी नागरिकों के लिए चेतावनी भी है और एक मौका भी, ताकि मिलकर शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सके।

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