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जालंधर चौक का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखा जाएगा: अमन अरोड़ा

जालंधर (पंजाब): आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष एवं पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज युवाओं से भगवान परशुराम जी द्वारा दिखाए गए न्याय, समानता और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया, ताकि एक आदर्श और सामंजस्यपूर्ण समाज का निर्माण किया जा सके।

मंत्री भगवान श्री परशुराम जयंती के अवसर पर पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग, पंजाब द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान केएमवी कॉलेज, जालंधर में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।

इस शुभ अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए मंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि पहली बार सरकार द्वारा भगवान परशुराम जयंती का राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने जालंधर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग की सराहना की।

भगवान श्री परशुराम जी को भक्ति और शक्ति का दिव्य अवतार बताते हुए अरोड़ा ने कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने का उनका संदेश पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। उन्होंने जालंधर शहर में एक नए चौक का नाम भगवान श्री परशुराम जी के नाम पर रखने की भी घोषणा की।

मंत्री ने भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने, विशेषकर युवाओं को भारत की विशाल सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस तरह के आयोजन देश के व्यापक सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास को कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया तथा इस ऐतिहासिक पहल के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की सराहना की।

समारोह की शुरुआत कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, सलाहकार दीपक बाली, विधायक रमन अरोड़ा, जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की चेयरपर्सन राजविंदर कौर थियारा और डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल द्वारा दीप प्रज्वलित करके की गई।

इस दौरान मुख्य वक्ता ने भगवान परशुराम के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला और युवाओं को उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले, ब्राह्मण समुदाय के कई प्रमुख सदस्यों, जिनमें सुरदर्शन शर्मा, डॉ. वी.के. वासुदेव, राजिंदर शर्मा, विनोद कुमार दत्ता और भारत भूषण शर्मा शामिल थे, को समाज में उनके योगदान, खासकर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन भगवान परशुराम जी की भक्तिमय आरती के साथ हुआ।

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