Jalandhar Hospital Controversy: पंजाब डेस्क: जालंधर शहर के फुटबॉल चौक स्थित अरमान मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। ताजा मामला एक महिला मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का है, जिस पर परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर आर.पी.एस. छाबड़ा और अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
-इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत, फिर आई मौत की खबर
गुरदासपुर जिले के नवांशाला गांव निवासी करनजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटी सोनम मुल्तानी काफी समय से स्पाइन से संबंधित समस्या से जूझ रही थी। इलाज के लिए वह जालंधर के चर्चित अरमान अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर छाबड़ा ने मामूली स्पाइन सर्जरी की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, 24 जून को सोनम को अस्पताल में भर्ती करवाया गया और ऑपरेशन दोपहर करीब 4 बजे शुरू हुआ।
करीब साढ़े पांच घंटे बाद डॉक्टर छाबड़ा ने बताया कि सोनम के पेट में ब्लीडिंग शुरू हो गई है और उसे फिर से ऑपरेशन करना पड़ेगा। इसके कुछ देर बाद ही उन्हें सोनम की मौत की सूचना दी गई।
-परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका के परिवार का आरोप है कि न सिर्फ डॉक्टर और स्टाफ ने लापरवाही बरती, बल्कि इलाज के दौरान शरीर के कुछ अन्य हिस्सों से भी छेड़छाड़ की गई है। करनजीत सिंह ने कहा कि उनकी बेटी की मौत केवल चिकित्सकीय भूल नहीं, बल्कि एक आपराधिक लापरवाही का मामला है। उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम किसी स्वतंत्र डॉक्टर पैनल से करवाया जाए और डॉक्टर आर.पी.एस. छाबड़ा सहित अस्पताल स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
-पुलिस को दी शिकायत, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने स्थानीय पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पहले भी विवादों में रहा है अरमान अस्पताल
गौरतलब है कि अरमान अस्पताल का नाम इससे पहले भी विभिन्न विवादों में आ चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन उचित जांच न होने के कारण शिकायतें अनदेखी रह जाती हैं।
-सवालों के घेरे में निजी अस्पतालों की जवाबदेही
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में हस्तक्षेप करे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

