जालंधरः फोकल प्वाइंट स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से सीवरेज लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क को खोद दिया गया, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी सड़क की सही तरीके से मरम्मत नहीं की गई। इसके चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं और बारिश का पानी उनमें भर गया है। इससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को हर दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ढाई से तीन फीट तक गहरे हैं गड्ढे
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने कई गड्ढे करीब ढाई से तीन फीट गहरे हैं। बारिश का पानी भर जाने के कारण यह पता ही नहीं चलता कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। ऐसे में दोपहिया, कार और बड़े वाहन भी इन गड्ढों में फंस रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस सड़क पर रोजाना कई छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
पानी में फंस गई थार, ट्रैक्टर से निकाला बाहर
सड़क पर भरे पानी में एक थार गाड़ी बुरी तरह फंस गई। काफी कोशिशों के बाद भी गाड़ी बाहर नहीं निकल सकी। बाद में ट्रैक्टर की मदद से टोचन (रस्सी) लगाकर थार को बाहर निकाला गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब समझ नहीं आता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क।
पांच दिन बाद भी नहीं निकला बारिश का पानी
स्थानीय निवासी पंकज कुमार ने बताया कि बारिश हुए करीब पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन सड़क पर अभी भी पानी जमा हुआ है। उन्होंने कहा कि यह काम नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरी सड़क तालाब जैसी बन गई है।
अधूरा छोड़ दिया निर्माण कार्य
पंकज कुमार के अनुसार, संतवाल के पास कुछ दूरी तक निर्माण कार्य किया गया था, लेकिन वहां पानी भरने के बाद काम बीच में ही छोड़ दिया गया। इसके बाद न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही पानी निकालने की कोई व्यवस्था की गई। इसका खामियाजा रोजाना आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
हर दिन 50 से 100 वाहन फंस रहे
पंकज ने बताया कि इस सड़क पर रोज करीब 50 से 100 वाहन पानी में फंस जाते हैं। पानी के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे कई वाहन अचानक उनमें उतर जाते हैं। कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। खासकर बाइक और स्कूटी सवारों के लिए यह सड़क बेहद खतरनाक बन गई है।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार NHAI अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायत के बाद अधिकारी कभी-कभी मौके पर पहुंचते हैं और गड्ढों में मिट्टी डालकर चले जाते हैं। लेकिन यह केवल अस्थायी समाधान साबित होता है। थोड़ी बारिश होते ही मिट्टी बह जाती है और सड़क फिर पहले जैसी खराब हो जाती है।
फंसे वाहनों की लोग खुद कर रहे मदद
पंकज ने बताया कि जब भी कोई वाहन पानी में फंस जाता है तो आसपास के लोग खुद उसकी मदद करते हैं। कई बार ट्रैक्टर या दूसरे बड़े वाहनों को बुलाकर टोचन के जरिए फंसी गाड़ियों को बाहर निकाला जाता है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी इसी जगह पर कई लोग हादसे का शिकार हुए थे। उस समय मीडिया द्वारा मौके की कवरेज के दौरान भी कई वाहन पानी से भरे गड्ढों में फंस गए थे। इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
सर्विस लेन की हालत भी बेहद खराब
इलाके के निवासी चंदन ने बताया कि सर्विस लेन की हालत भी काफी खराब हो चुकी है। सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन बाद में उसे ठीक नहीं किया गया। अब हालात ऐसे हैं कि राहगीर चलते-चलते गड्ढों में गिर रहे हैं और वाहन चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क पर इतना पानी भरा हुआ है कि अगर कोई गाड़ी निकलने की कोशिश करे तो उसके फंसने या डूबने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और NHAI से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करवाने और पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि रोजाना होने वाले हादसों पर रोक लगाई जा सके।

