Last Updated: September 23, 2026

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मुख्यमंत्री मान की पेशी के बाद जत्थेदार गड़गज का बड़ा बयान:”CM ने माना कि उन्हे सिख सिंद्धान्तों के बारे में नहीं पता”

January 15, 2026

मुख्यमंत्री मान की पेशी के बाद जत्थेदार गड़गज का बड़ा बयान:”CM ने माना कि उन्हे सिख सिंद्धान्तों के बारे में नहीं पता”

पंजाब डेस्क: श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार 15 जनवरी आज को पेश हुए। करीब 40 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज के सामने जमीन पर बैठकर हाथ जोड़ते नजर आए। पेशी सचिवालय में हुई क्योंकि मुख्यमंत्री अमृतधारी सिख नहीं हैं।

पेशी के बाद अकाल तख्त से बाहर आए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोशल मीडिया पर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि वे अकाल तख्त को चुनौती दे रहे हैं, जबकि हकीकत इसके उलट है।

उन्होंने कहा, “मैंने अकाल तख्त के आगे मत्था टेका है। न मेरी ऐसी हिम्मत है और न ही औकात कि मैं तख्त को चुनौती दूं।”

CM मान ने बताया कि उन्होंने वायरल हो रही कथित आपत्तिजनक वीडियो को फर्जी बताया है और कहा है कि उसकी जांच किसी भी स्वतंत्र लैब से करवाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज उन्हें संतोष मिला है क्योंकि वे लोगों की भावनाओं को सीधे जत्थेदार के समक्ष रख सके।

जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज का बयान

पेशी के बाद जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मुख्यमंत्री ने गोलक और अन्य सिख मुद्दों को लेकर अपना स्पष्टीकरण दिया है, जिसे रिकॉर्ड में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में 5 सिंह साहिबानों की बैठक होगी, जिसमें सभी पहलुओं पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

जत्थेदार ने बताया कि वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री से दो लैब के नाम मांगे गए हैं, जहां उसकी जांच करवाई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त किसी के खिलाफ नहीं है और केवल सिख मर्यादाओं व सिद्धांतों की रक्षा करता है।

जत्थेदार के अनुसार, मुख्यमंत्री मान ने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मामलों में उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और मुख्यमंत्री ने भविष्य में सिख मर्यादा से जुड़े विषयों पर बयान न देने की बात कही।

तय समय से पहले पहुंचे CM मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान तय समय 12 बजे से पहले ही सुबह करीब 11:30 बजे अकाल तख्त सचिवालय पहुंच गए थे। वे नंगे पांव, नजरें झुकाए हुए स्वर्ण मंदिर पहुंचे, जहां माथा टेकने के बाद दो काले बैग लेकर सचिवालय में दाखिल हुए। इन बैगों में कथित तौर पर स्पष्टीकरण और सबूत रखे गए थे।

पेशी से जुड़ी 3 अहम बातें

1. पेशी का समय चार बार बदला गया

पहले सुबह 10 बजे बुलाया गया, फिर शाम 4:30 बजे, बाद में मुख्यमंत्री ने 11 बजे आने की इच्छा जताई और 12 बजे का समय तय हुआ।

2. लाइव टेलीकास्ट की मांग खारिज

मुख्यमंत्री ने पेशी के लाइव प्रसारण की मांग की थी, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि वीडियोग्राफी की अनुमति दी गई।

3. अकाल तख्त में तलब होने वाले चौथे मुख्यमंत्री

भगवंत मान ऐसे चौथे मुख्यमंत्री हैं जिन्हें अकाल तख्त ने तलब किया। इससे पहले भीम सेन सच्चर, सुरजीत सिंह बरनाला और प्रकाश सिंह बादल को भी यहां बुलाया जा चुका है।

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