‘JOSH’ Teams Launched in Fazilka to Strengthen TB Awareness : फाजिल्का। टीबी के खिलाफ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए ‘JOSH’ (Joint Squad for Health) अभियान के तहत फाजिल्का में भी गतिविधियों की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के दौरान डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू, सिविल सर्जन डॉ. कविता सिंह और जिला टीबी अधिकारी डॉ. नीलू चुघ की मौजूदगी में टीबी वॉलंटियर्स, 10 टीबी-मुक्त पंचायतों और अभियान से जुड़े विभिन्न संस्थानों व स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया। अभियान के जरिए युवाओं, NCC कैडेट्स और ‘माई भारत’ वॉलंटियर्स को टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने से जोड़ा जाएगा।
इस पहल के तहत, फाजिल्का जिले में प्रोग्राम के लाइव प्रसारण के दौरान डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू, सिविल सर्जन डॉ. कविता सिंह और जिला TB अधिकारी डॉ. नीलू चुघ की मौजूदगी में TB वॉलंटियर्स को सम्मानित किया गया। ‘Josh’ अभियान के बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने बताया कि पहले चरण में, युवाओं के नेतृत्व में सामुदायिक लामबंदी को मजबूत करने और TB-मुक्त भारत का संदेश जमीनी स्तर तक पहुंचाने के मकसद से 11 राज्यों और 55 जिलों में ‘Josh’ टीमें शुरू की गई हैं।
इस प्रोग्राम में संबंधित विभागों और स्टेकहोल्डर्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ चुने हुए प्रतिनिधि, क्लास-1 अधिकारी, ‘माई भारत’ (My Bharat) वॉलंटियर्स, NCC कैडेट्स और भारत के TB उन्मूलन प्रयासों में शामिल अन्य लोग सामूहिक रूप से भाग लेंगे। ‘माई भारत’ ऐप में शुरू की गई एक नई सुविधा के तहत, क्लास-1 अधिकारी अपनी देखरेख में ‘Josh’ टीमों को रजिस्टर करेंगे और उसके बाद, इन टीमों द्वारा की गई सभी गतिविधियां पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी।
डॉ. कविता सिंह ने बताया कि विभाग फाजिल्का जिले को TB-मुक्त बनाने के लिए विशेष गतिविधियां चला रहा है। इस पहल के तहत, स्क्रीनिंग का दायरा बढ़ाया गया है और संदिग्ध TB मरीजों की समय पर पहचान करने और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए AI-इनेबल्ड X-रे मशीनों का इस्तेमाल करके पूरे जिले में कैंप लगाए जा रहे हैं। बताया गया कि कम्युनिटी आउटरीच और जुड़ाव के ज़रिए, ‘जोश’ टीमें टीबी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और इलाज पूरा करने से जुड़े ज़रूरी संदेश फैलाने में मदद करेंगी।
वे टीबी से जुड़े मिथकों और गलतफहमियों को दूर करने, भेदभाव कम करने और लोगों, परिवारों व समुदायों को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों में भी योगदान देंगी। डॉ. नीलू चुघ ने कहा कि इन पहलों का मकसद युवाओं को टीबी के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भागीदार बनाना और उन्हें जागरूकता फैलाने, सामाजिक लामबंदी और सामुदायिक जुड़ाव में योगदान देने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करना है।
क्लास-I अधिकारियों, ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडेटों के बीच तालमेल ज़मीनी स्तर पर सरकारी कार्यक्रमों और समुदायों के बीच संबंध को और मज़बूत करेगा, जिससे टीबी-मुक्त राज्य बनाने में मदद मिलेगी। इस मौके पर फाजिल्का ज़िले की विभिन्न संस्थाओं और व्यक्तियों—जिनमें श्री अरोरबंस सेवा दल सोसाइटी, जन सेवा सोसाइटी, सुनील वाधवा (अबोहर), दस टीबी-मुक्त पंचायतें, टीबी चैंपियन बिंपल सिंह, टीबी कार्यक्रम के लिए ब्लॉक नोडल अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मचारी और मास मीडिया विंग शामिल हैं—को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. दिवाकर, डॉ. मोनिका, डॉ. विक्रम; मास मीडिया विंग से विनोद खुराना, मनबीर सिंह, दिवेश कुमार और अमन कंबोज; एसटीएलएस राज सिंह; और विभिन्न ब्लॉक एसटीएस, एमएलटी, टीबी हेल्थ विजिटर, मल्टी-पर्पस हेल्थ वर्कर (विक्की राठौर और गुरजीत सिंह), काजल और अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद थे।

