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नारी निकेतन में न्यायाधीशों ने जरूरतमंदों संग मनाई दिवाली

Judges Celebrate Diwali with Residents of Nari Niketan : अमृतसर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर ने नारी निकेतन पहुंचकर वहां रह रहे लोगों के साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने सर्दी से बचाव के लिए कंबल, शॉल, कपड़े, गीजर, मोजे और अन्य आवश्यक सामान वितरित किया। इस पहल के जरिए उन्होंने जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सेवा का संदेश दिया।

उनके साथ अमृतसर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुंडी और अमृतसर की ACJM परमिंदर कौर बैंस भी मौजूद थीं। इनके अलावा, अमृतसर की CJM सुप्रीत कौर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमृतसर के सचिव अमरदीप सिंह बैंस भी वहां उपस्थित थे। इस मौके पर, ‘कम्युनिटी होम फॉर द मेंटली रिटार्डेड’ (जो अमृतसर के नारी निकेतन परिसर में स्थित है) की अधीक्षक सुश्री सविता रानी और ‘स्टेट आफ्टर-केयर होम’ (यह भी नारी निकेतन परिसर, अमृतसर में स्थित है) की अधीक्षक संदीप कौर भी मौजूद थीं।

सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी उदारता और संवेदनशीलता दिखाते हुए, माननीय न्यायाधीशों ने नारी निकेतन में रहने वालों के उपयोग और भलाई के लिए कई आवश्यक वस्तुएं दान कीं। इन वस्तुओं में गर्म कंबल, शॉल, कपड़े (सूट), गीजर, मोज़े, प्रेस (इस्त्री), हॉट केस (खाना गर्म रखने वाले कंटेनर) और अन्य जरूरी सामान शामिल थे। ये चीजें वहां रहने वालों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी और विशेष रूप से आने वाली सर्दियों के मौसम में उन्हें आराम और सुविधा प्रदान करेंगी।

गर्म कपड़ों और रोजमर्रा की जरूरी चीजों का यह योगदान, वहां रहने वालों के आराम, सम्मान और भलाई के प्रति गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस पहल का संदेश यह है कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के साथ खुशियां बांटने, जरूरतमंदों की मदद करने और उनके जीवन में आनंद लाने में निहित है।

NGO ‘LAWA’ के सदस्यों ने भी इस दिवाली कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वहां रहने वालों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। LAWA NGO के अध्यक्ष, श्री शरत वशिष्ठ, अपनी टीम के सदस्यों के साथ वहां मौजूद थे। उनकी भागीदारी ने आपसी जुड़ाव और समाज सेवा की भावना को और मजबूत किया। सम्मानित जजों ने ‘नारी निकेतन’ में रहने वालों की देखभाल, सुरक्षा और कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उनके दौरे से वहां रहने वालों और संस्था के कर्मचारियों, दोनों का ही मनोबल बढ़ा।

नारी निकेतन के प्रबंधन और कर्मचारियों ने सम्मानित जजों और LAWA NGO के सदस्यों का उनके सहयोग, उदार योगदान और नेक पहल के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। उनकी मौजूदगी ने संस्था में दिवाली के जश्न को और भी यादगार और सार्थक बना दिया। इस कार्यक्रम ने दिवाली के असली सार को उजागर किया—कि दिवाली का मतलब केवल दीये जलाना या कोई त्योहार मनाना ही नहीं है, बल्कि करुणा, उदारता, सहानुभूति और निस्वार्थ सेवा के जरिए दूसरों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाना भी है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सभी के अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि तथा एक आनंदमय और मंगलमय दिवाली की शुभकामनाओं के साथ हुआ।

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