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गंगाजल लेकर मोगा पहुंचने लगे कांवड़िए, कल शिवालयों में गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’

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मोगा: सावन शिवरात्रि को लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंच गया है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़िए अपने-अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे हैं। कांवड़ियों के पहुंचने से शिव मंदिरों में भी विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं।

सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर कांवड़िए विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक कर गंगाजल अर्पित करेंगे। इस दौरान मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजेंगे।आचार्य नंदलाल जी ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने लोक कल्याण के लिए अपने कंठ में धारण किया था। विष के प्रभाव को शांत करने के लिए देवताओं द्वारा भगवान शिव पर जल अर्पित किया गया। इसी मान्यता के चलते सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक की परंपरा मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और संकल्प का प्रतीक है। श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर जिस शिव मंदिर में जल अर्पित करने का संकल्प लेते हैं, वहां पहुंचकर विधि-विधान से अभिषेक करते हैं। अनेक श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, सफलता और समाज व देश के कल्याण की कामना लेकर कांवड़ यात्रा करते हैं।

आचार्य नंदलाल ने श्रद्धालुओं को सावन शिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को सेवा, संयम, त्याग और लोक कल्याण की राह पर चलने की प्रेरणा देती है। ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष आस्था के साथ-साथ सर्वजन कल्याण की भावना का संदेश भी देता है।

📍 Location: मोगा

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