चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को राज्य को नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी देने वालों का प्रदेश बनाने के लिए उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम (ईएमसी) की शुरुआत की।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक छात्र 17 वर्षों तक शिक्षा में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य यह होना चाहिए कि वह अपने परिवार के लिए रोटी कमा सके और देश व समाज का एक अच्छा नागरिक बन सके।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर दुख जताया कि दुर्भाग्य से एक छात्र अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद भी वे तीनों चीजें नहीं कर पाता, जिसके लिए ब्रिटिश काल की शिक्षा प्रणाली जिम्मेदार है।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि अंग्रेजों ने क्लर्क पैदा करने के लिए शिक्षा प्रणाली विकसित की थी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी यही चलन जारी है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोई भी अपने कम्फर्ट जोन से बाहर आकर चुनौतियों को स्वीकार नहीं करना चाहता। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम इस कुरीति को तोड़ेगा और युवा राज्य व देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने यह भी कहा कि यह पाठ्यक्रम युवाओं को सपने भी देगा क्योंकि वे एक विचार और उसे विकसित करने और समृद्ध होने की क्षमता के बारे में सपने देखेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि छात्रों को बेहतरीन चीज़ें और ब्रांड बनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह जुनून उन्हें दुनिया भर में उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि पंजाबी जन्मजात उद्यमी होते हैं और यह पाठ्यक्रम उनकी क्षमता का दोहन करने में मददगार होगा।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इस ऐप में अपार क्षमता है और इस ऐप की सफलता भारत को एक महाशक्ति बनाएगी क्योंकि इसके माध्यम से हम चीन जैसी वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से प्रतिस्पर्धा कर पाएँगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब उच्च शिक्षा स्तर पर उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम (ईएमसी) शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग है।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से यह पाठ्यक्रम राज्य भर के विश्वविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लागू किया जाएगा।
आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के लिए, यह पाठ्यक्रम बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए), बैचलर ऑफ कॉमर्स (बी.कॉम), बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बी.टेक) और बैचलर ऑफ वोकेशन (बी.वोक) कार्यक्रमों में अध्ययनरत छात्रों के लिए अनिवार्य होगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से, इस पाठ्यक्रम को अन्य सभी डिग्री कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा और यह पाठ्यक्रम प्रत्येक सेमेस्टर में अनिवार्य होगा, जिससे प्रत्येक छात्र व्यावहारिक रूप से व्यवसाय करना सीख सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह एआई-आधारित, बहुभाषी (पंजाबी/हिंदी/अंग्रेजी) डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों का मार्गदर्शन, समर्थन और निगरानी करेगा, जिससे प्रत्येक स्नातक नौकरी चाहने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बन सकेगा। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इस उद्यमिता पाठ्यक्रम के शुभारंभ से 1.5 लाख छात्र न केवल पढ़ाई करेंगे बल्कि उद्यमी भी बनेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के दौरान, यह पाठ्यक्रम 20 सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शुरू किया जाएगा, जिससे 1.5 लाख छात्र लाभान्वित होंगे। उन्होंने आगे कहा कि शैक्षणिक वर्ष 2028-29 तक, यह पाठ्यक्रम पूरे पंजाब में 5 लाख छात्रों तक पहुँच जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब इतने बड़े पैमाने पर इस पाठ्यक्रम को अनिवार्य करने वाला पहला भारतीय राज्य है। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इस पहल से छोटे उद्यमों और ग्रामीण स्टार्टअप्स के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे देशों में सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 72% हिस्सा उद्यमशीलता और व्यावसायिक गतिविधियों से आता है।
उन्होंने कहा कि उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम (ईएमसी) के माध्यम से, छात्र संचार कौशल, वित्तीय प्रबंधन, बजट, विपणन और व्यावसायिक संचालन सीखेंगे। आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि यह प्रशिक्षण छात्रों को अपना उद्यम शुरू करने और दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में सक्षम बनाएगा।
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