अमृतसर: किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब की एक अहम बैठक आज किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब के मुख्य कार्यालय चब्बा में हुई। बैठक के बाद मोर्चे की ओर से प्रेस क्लब अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरवण सिंह भंढेर, बलदेव सिंह जीरा, बलवंत सिंह बहिरामके, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, मनजीत सिंह राय, अमरजीत सिंह मोड़ी, गुरअमनीत सिंह मांगट, ओंकार सिंह पुराना, चरणजीत सिंह गालब तथा मलकीत सिंह गुलामी वाला भंगाला ने पंजाब सरकार के रवैये के संबंध में अगले संघर्ष का ऐलान किया।
नेताओं ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा पिछले तीन दिनों से पंजाब सरकार के नौ मंत्रियों के घरों के सामने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर मोर्चे लगाकर बैठा है, लेकिन सरकार की ओर से किसानों-मजदूरों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी मोर्चे की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री को पत्र और मांग-पत्र भेजकर मांगों के समाधान के लिए सरकार के साथ बैठकर बातचीत करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार की ओर से इस संबंध में कोई गंभीर पहल नहीं की गई।
नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार के इस रवैये को देखते हुए किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने सरकार को 17 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक का समय दिया है कि सरकार किसानों और मजदूरों की मांगों का ठोस समाधान तलाशे। यदि सरकार की ओर से इस समय तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 17 सितंबर को दोपहर 12 बजे पंजाब के पाँच स्थानों पर रेल यातायात रोका जाएगा।
उन्होंने बताया कि रेल रोको कार्यक्रम अमृतसर के देवीदासपुरा, संगरूर-सुनाम, गुरदासपुर, मोगा और फिरोजपुर में किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यदि इसके बावजूद भी पंजाब सरकार किसानों-मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं करती तो आने वाले दिनों में अन्य रेलवे प्वाइंट भी खोले जाएंगे।
मोर्चे के नेताओं ने कहा कि 18 सितंबर 2026 को किसान मजदूर मोर्चा की अगली बैठक की जाएगी। इस बैठक में पंजाब सरकार के रवैये का जायजा लेते हुए अगले संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी।
नेताओं ने बताया कि आज पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के सामने लगाए गए मोर्चों में बड़ी संख्या में किसानों, मजदूरों और महिलाओं की मौजूदगी में विशाल जुटान देखने को मिला। शाम के समय सभी मोर्चों पर किसानों, मजदूरों और महिलाओं द्वारा रोष मार्च भी निकाले गए।
अमृतसर में हरभजन सिंह ईटीओ के न्यू अमृतसर स्थित घर के सामने लगाया गया मोर्चा अब देवीदासपुरा रेलवे ट्रैक के नजदीक स्थानांतरित कर दिया गया है। मोर्चे के नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों-मजदूरों की मांगों को अनदेखा करने के बजाय मोर्चे के साथ बातचीत करके मांगों का समाधान करना चाहिए।

