किसान मजदूर मोर्चा पंजाब चैप्टर ने किया बड़े संघर्ष का ऐलान, 25 अगस्त से गांव-गांव में फ्लेक्सी लगाकर संघर्ष शुरू
August 22, 2026
अमृतसरः किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब की आज चंडीगढ़ के किसान भवन में एक अहम मीटिंग हुई। मीटिंग में पंजाब के किसानों, मजदूरों और आम लोगों से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करते हुए आने वाले समय में संघर्ष को और तेज करने का ऐलान किया गया। मोर्चा ने ऐलान किया कि 25 अगस्त, 2026 से पंजाब के हर गांव में फ्लेक्सी लगाकर संघर्ष शुरू किया जाएगा। इन फ्लेक्सी पर मुख्य नारा होगा:
“चोरी हुई ट्रॉलियां, शंभू-खनौरी से हमारा लूटा हुआ सामान वापस करो।”
इसके बाद 31 अगस्त, 2026 को पूरे पंजाब में डिप्टी कमिश्नरों के ऑफिस के सामने एक दिन के धरने दिए जाएंगे। इसी तरह, 14 सितंबर, 2026 से पंजाब सरकार के मंत्रियों के खिलाफ पांच दिन का मोर्चा शुरू किया जाएगा। मोर्चा ने साफ किया कि अगर सरकार मांगों का हल नहीं निकालती है, तो संघर्ष तेज किया जाएगा और रेल रोको आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मुख्य मांगें
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भगवंत मान सरकार ने 2022 में किसानों और मजदूरों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जाए। इन वादों को लागू करने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
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शंभू-खनौरी मोर्चा की मांगें पूरी की जाएं और भगवंत मान सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ मिलकर उठाए गए कदमों से हुए नुकसान का मुआवजा मोर्चा को दिया जाए।
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पंजाब में केंद्र सरकार पंजाब के अंदर से गेहूं और धान खरीदती है।
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भगवंत मान सरकार ने 23 फसलें खरीदने का जो वादा किया था, उसे लागू किया जाए। पहले फेज में बासमती, सरसों, मक्का, आलू और मूंग की सरकारी खरीद पक्की की जाए।
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सरकार के वादे के मुताबिक, किसानों और मजदूरों का लोन खत्म किया जाए और किसान-मजदूर के हक में लोन कानून बनाया जाए।
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पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इंडो-US ट्रेड एग्रीमेंट, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल और सीड एक्ट के खिलाफ प्रस्ताव पास किया जाए।
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शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान घायल हुए युवाओं को मुआवजा दिया जाए।
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शंभू-खनौरी मोर्चे के शहीदों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी जाए।
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शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए पूरे नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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शंभू मोर्चा समेत पंजाब में किसानों और मजदूरों द्वारा केंद्र या सरकार के खिलाफ शुरू किए गए सभी मोर्चों के दौरान दर्ज पुलिस, रेलवे और पराली से जुड़े केस रद्द किए जाएं।
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पंजाब के पानी का मामला रिपेरियन प्रिंसिपल के हिसाब से हल किया जाए।
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पिछले साल आई बाढ़ को इंसानी वजहों से आई बाढ़ मानकर जांच करने के लिए एक बिना भेदभाव वाला ट्रिब्यूनल बनाया जाए। बाढ़ के कारणों की बिना भेदभाव वाली जांच की जाए और आगे बाढ़ रोकने के लिए सही इंतज़ाम किए जाएं और पिछले साल बाढ़ से हुए बाकी नुकसान के लिए किसानों, मज़दूरों और आम जनता को मुआवज़ा दिया जाए।
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भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) में पंजाब के हक और अधिकार वापस किए जाएं।
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पंजाब सरकार की लाई गई लैंड पूलिंग पॉलिसी वापस ली जाए।
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पावरकॉम VDS स्कीम को 1200 रुपये प्रति हॉर्सपावर के हिसाब से चलाए।
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किसान मज़दूर मोर्चा, जेल में बंद सिखों की रिहाई के लिए 15 अगस्त को गवर्नर हाउस के घेराव के आह्वान का समर्थन करता है।
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किसान मज़दूर मोर्चा पंजोखरा साहिब में हरियाणा सरकार द्वारा किए जा रहे दमन और कार्रवाई का विरोध करता है।
किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने कहा कि किसानों, मजदूरों और पंजाब के हक से जुड़े इन सभी मसलों को हल करने के लिए गांव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक संघर्ष को मजबूत किया जाएगा। मोर्चे ने पंजाब के किसानों, मजदूरों, नौजवानों और आम लोगों से बड़ी संख्या में इस संघर्ष में शामिल होने की अपील की।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)