Last Updated: September 22, 2026

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Land Pooling Scheme: पंजाब सरकार से किसानों को हर साल मिलेंगे 1 लाख रुपये – CM Mann

July 22, 2025

Land Pooling Scheme: पंजाब सरकार से किसानों को हर साल मिलेंगे 1 लाख रुपये – CM Mann

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में एक बड़े फैसले में, पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को लैंड पूलिंग नीति-2025 में कई किसान-हितैषी संशोधनों को मंज़ूरी दे दी।

इन संशोधनों की सबसे खास बात यह है कि अब किसानों को उनकी ज़मीन विकसित होने तक ₹1 लाख का वार्षिक आजीविका भत्ता मिलेगा – जो पिछली सरकारों द्वारा दिए जाने वाले ₹20,000 की तुलना में पाँच गुना ज़्यादा है।

सरकार ने इस ₹1 लाख की राशि में 10% वार्षिक वृद्धि की घोषणा करके दीर्घकालिक समर्थन का भी आश्वासन दिया है। तेज़ और अधिक पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए, सरकार अब 21 दिनों के भीतर किसानों को आशय पत्र (LOI) जारी करेगी।

किसानों की सुविधा के लिए, एलओआई को बेचा जा सकता है या ऋण प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, जब तक विकास कार्य वास्तव में शुरू नहीं हो जाता, किसान अपनी ज़मीन पर खेती जारी रख सकते हैं और उन्हें सरकार से प्रति वर्ष अतिरिक्त ₹50,000 मिलेंगे।

पूरी प्रक्रिया के दौरान, ज़मीन की बिक्री या ख़रीद पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। किसान किसी भी समय अपनी ज़मीन खरीदने, बेचने या पंजीकृत करने के लिए स्वतंत्र होंगे।

गौरतलब है कि पंजाब शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण (पुडा) और अन्य विशेष विकास प्राधिकरणों द्वारा भूमि अधिग्रहण को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए, पंजाब मंत्रिमंडल ने मंगलवार को लैंड पूलिंग नीति 2025 में संशोधनों को मंज़ूरी दे दी।

इन संशोधनों का उद्देश्य आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा भूमि संग्रह प्रक्रिया को अधिक कुशल, समावेशी और आकर्षक बनाना है।

पंजाब सरकार ने शहरी विकास में भूस्वामियों, प्रमोटरों और कंपनियों को हितधारकों के रूप में शामिल करने और भूमि पूलिंग में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए पहले ही लैंड पूलिंग नीति 2025 प्रस्तुत की थी।

इस नीति पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए, राज्य सरकार ने विभिन्न गाँवों के सरपंचों, विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों और किसानों के साथ कई बैठकें कीं। प्राप्त सुझावों के आधार पर, नीति को और अधिक प्रगतिशील, तर्कसंगत और विकासोन्मुखी बनाने के लिए इसमें संशोधन किए गए हैं।

संशोधित नीति के अनुसार, जिन भूस्वामियों की ज़मीन ली जाएगी, उन्हें प्रति कनाल ज़मीन के लिए 125 वर्ग गज आवासीय और 25 वर्ग गज व्यावसायिक ज़मीन का विकल्प दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, विभाग एक आशय पत्र (एलओआई) जारी करेगा, जिससे भूस्वामियों को बैंक ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी।

इसके अलावा, एलओआई जारी करने पर, विभाग भूस्वामियों को निर्वाह भत्ते के रूप में ₹50,000 की एकमुश्त राशि प्रदान करेगा। कब्ज़ा लेने के बाद, भूस्वामियों को ₹1,00,000 का वार्षिक भुगतान किया जाएगा।

यह वार्षिक राशि ज़मीन लेने की तिथि से लेकर विकसित भूखंडों के संबंधित पक्षों को सौंपे जाने तक, प्रति वर्ष 10% की दर से बढ़ती रहेगी।

यह भी निर्णय लिया गया कि 50 एकड़ या उससे अधिक भूमि पूलिंग के मामले में बाह्य विकास शुल्क (ईडीसी) के अलावा कोई अन्य शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, व्यावसायिक भूमि छोड़ने वाले भूस्वामियों को बदले में आवासीय क्षेत्र का तीन गुना मिलेगा।

उदाहरण के लिए, अगर एक एकड़ ज़मीन देने वाला किसान 200 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट नहीं लेना चाहता, तो उसे 600 वर्ग गज का आवासीय प्लॉट मिलेगा। ऐसे में, किसान को शहरी एस्टेट में दिए गए प्रत्येक एकड़ के बदले कुल 1,600 वर्ग गज आवासीय ज़मीन आवंटित की जाएगी।

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