मुल्लांपुर दाखा: थाना दाखा पुलिस ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने के बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पखोवाल रोड स्थित एक नामी रिजॉर्ट मालिक, एक पूर्व पटवारी व 4 भाइयों के खिलाफ गंभीर धाराओं(420, 466, 467, 468, 471, 120-बी) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से जमीन के नकली कागजात बनवाकर उसे अपने नाम करवा लिया था। डीएसपी वीरेंद्र सिंह खोसा ने बताया कि संगरूर जिले के गुरु नानक कॉलोनी निवासी जतिन जैन ने थाना दाखा में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत के अनुसार मुख्तियार सिंह, गुरदेव सिंह, बंत सिंह, संत सिंह (सभी पुत्र दयाल सिंह) निवासी गांव देतवाल ने इंदरजीत सिंह पुत्र अतर सिंह (डायरेक्टर, ड्रीमलैंड प्रोजेक्ट्स बीरमी) व पूर्व पटवारी सतिंदरपाल सिंह के साथ मिलकर फर्जी फर्द और जाली दस्तावेज तैयार किए। इसके माध्यम से उन्होंने संबंधित जमीन का इंतकाल करवाकर स्वामित्व अपने नाम करवा लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से सरकारी रिकार्ड में हेरफेर की और जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की। इतना ही नहीं पूर्व पटवारी सतिंदरपाल सिंह ने इस प्रक्रि या में अपने हक में भी एक रजिस्ट्री करवा ली।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जमीन हस्तांतरण की पूरी प्रक्रि या धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश के तहत की गई। डीएसपी खोसा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की गहन जांच जारी है और पुलिस दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी करवाने की तैयारी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किस स्तर पर रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। सूत्रों के अनुसार, आरोपी इंदरजीत सिंह का पखोवाल रोड स्थित रिजॉर्ट क्षेत्र के नामचीन मैरिज पैलेसों में गिना जाता है, जिससे मामला और भी चर्चित हो गया है। पुलिस अब सभी संबंधित दस्तावेज, इंतकाल रजिस्टर और राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। डीएसपी खोसा ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में सरकारी अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

