Learned scientific dairy farming at KVK Bathinda : बठिंडा। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) बठिंडा की ओर से आयोजित 10 दिवसीय डेयरी फार्मिंग ट्रेनिंग कोर्स में 9 महिलाओं समेत 38 लोगों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुओं की वैज्ञानिक देखभाल, नस्ल सुधार, टीकाकरण, डेयरी शेड, सरकारी योजनाओं, बैंक लोन और दूध से वैल्यू-एडेड उत्पाद तैयार कर आमदनी बढ़ाने की जानकारी दी गई।
रामपुरा फूल के वेटनरी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदित्य शर्मा ने बायोसिक्योरिटी और पोस्टमार्टम के महत्व के बारे में बताया, जबकि रामपुरा फूल के वेटनरी कॉलेज के ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जय प्रकाश यादव ने जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। ट्रेनिंग के दौरान, असिस्टेंट प्रोफेसर (फ़ूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग) डॉ. रमनदीप कौर ने जानवरों के लिए आरामदायक शेड की बनावट और सही दिशा के बारे में जानकारी दी। बठिंडा के डिस्ट्रिक्ट डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के डेयरी ऑफ़िसर एस. लखमीत सिंह ने डेयरी के काम से जुड़ी सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और सब्सिडी के बारे में जानकारी दी।
बठिंडा के एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट के वेटनरी ऑफ़िसर डॉ. राजदीप सिंह बराड़ ने जानवरों की बीमारियों, उनसे बचाव, टीकाकरण और विभाग द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। रामपुरा फूल के वेटनरी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संदीप सिंह धालीवाल ने दूध से अलग-अलग वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट बनाकर ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने पर ज़ोर दिया।
इस ट्रेनिंग कैंप के दौरान, लीड बैंक के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कुलभूषण बंसल ने ट्रेनिंग लेने वालों को डेयरी फार्मिंग के लिए बैंकों द्वारा दी जाने वाली लोन योजनाओं, लोन लेने की प्रक्रिया और वित्तीय सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने सरकारी योजनाओं का फ़ायदा उठाकर सही तरीके से डेयरी का काम शुरू करने और उसे बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग लेने वालों को प्रेरित किया। इसी तरह, KVK बठिंडा के असिस्टेंट प्रोफेसर (एनिमल साइंस) डॉ. गुरलाल सिंह ने जानवरों की नस्ल सुधार, वैज्ञानिक देखभाल, खान-पान, टीकाकरण और डीवर्मिंग के बारे में जानकारी दी। इस 10 दिन की ट्रेनिंग के ज़रिए, ट्रेनिंग लेने वालों को डेयरी फार्मिंग की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से परिचित कराया गया और उन्हें इस काम को कमाई का एक टिकाऊ और मुनाफ़े वाला ज़रिया बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

