मंडी: वर्ष 2025 में आई आपदा मंडी जिला की सराज घाटी के लोगों से बहुत कुछ छीनकर ले गई, मगर भारी तबाही के बाद फिर उठ खड़े होकर आगे बढ़ने का उनका हौसला आज भी बरकरार है। आपदा की त्रासदी को पीछे छोड़ विशेष तौर पर युवा वर्ग अपने सुनहरे भविष्य के लिए फिर से संकल्पबद्ध है। इसमें सहायक बन रहा है प्रदेश सरकार की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया ‘अपना पुस्तकालय अभियान’। इसके तहत ग्रामीण युवाओं को स्तरीय पठन सामग्री घर-द्वार पर ही उपलब्ध करवाई जा रही है।
थुनाग स्थित लघु सचिवालय में ‘अपना पुस्तकालय सराज’ की शुरुआत 01 अगस्त, 2026 से की गई है। सराज क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक करीब 56 लाभार्थियों ने यहां सदस्यता ग्रहण की है, जबकि 20 से ज्यादा युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
इस पुस्तकालय में युवाओं को शांत और अध्ययन के अनुकूल वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। वाई-फाई, इंटरनेट, कंप्यूटर, प्रिंटआउट तथा बैठने की बेहतर सुविधा यहां उपलब्ध है। पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित करीब 600 पुस्तकें हैं, जबकि 200 पुस्तकें लोगों द्वारा दान की गई हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री घर के समीप उपलब्ध होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को काफी लाभ मिल रहा है।
पुस्तकालय की स्थापना पर करीब 13.75 लाख रुपये की लागत आई है। पुस्तकालय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक और अवकाश के दिनों में भी खुला रहता है। पाठकों को पुस्तकें दो सप्ताह के लिए अध्ययन के लिए जारी भी की जाती हैं।
निजी पुस्तकालय से कम खर्च में बेहतर सुविधा
लम्बाथाच निवासी सरिता ठाकुर ने बताया कि इससे पहले वे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए निजी पुस्तकालय में जाती थीं, जहां 900 रुपये प्रतिमाह शुल्क था। सराज में अपना पुस्तकालय शुरू होने पर उन्हें मात्र 250 रुपये वार्षिक शुल्क में अध्ययन की अच्छी सुविधा मिल रही है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन का आभार जताया।
ओपन कैफे की भी सुविधा
थुनाग निवासी कविता ठाकुर ने बताया कि पहले वह घर पर ही परीक्षाओं की तैयारी करती थीं, लेकिन उचित माहौल नहीं मिल पाता था। इस पुस्तकालय का शांत वातावरण पढ़ाई करने के लिए बेहतर है। बाहर पढ़ने के लिए ओपन कैफे की सुविधा भी उपलब्ध है।
इंटरनेट और प्रिंटआउट की भी व्यवस्था
थुनाग के खलवाड़ की नीलम ठाकुर इन दिनों यूजीसी-नेट की तैयारी कर रही हैं। पहले वह जिला पुस्तकालय में पढ़ाई करती थीं, लेकिन दूर होने के साथ ही कई बार अन्य व्यवधान होता था। अपना पुस्तकालय सराज में बेहतर स्थान व पुस्तकों की अच्छी सामग्री है। यहां इंटरनेट और कंप्यूटर की सुविधा उपलब्ध है। पीडीएफ डाउनलोड करने के साथ-साथ प्रिंटआउट की भी व्यवस्था है। उन्होंने पुस्तकालय में उपलब्ध अध्ययन सामग्री की सराहना करते हुए प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और एसडीएम थुनाग का आभार व्यक्त किया।
पटवारी परीक्षा की तैयारी कर रहे विजय
विजय ठाकुर पटवारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सराज में अपना पुस्तकालय खुलने से क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधा मिली है। यहां परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित अच्छी पुस्तकें हैं। सराज के युवाओं को इसका लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
ग्रामीण बेटियों के लिए वरदान बना स्व-अध्ययन केंद्र
ज्यूणी की उर्मिला चौहान ने बताया कि वह पहली बार अपना पुस्तकालय आई हैं। यहां वातावरण पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा है। उन्होंने सराज के विद्यार्थियों और युवाओं से पुस्तकालय की सुविधा का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह करते हुए स्थानीय प्रशासन और प्रदेश सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
करसोग से शुरू हुई पहल अब अभियान बन सराज तक पहुंची
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने अपना पुस्तकालय की पहल के लिए प्रदेश सरकार और उपायुक्त अपूर्व देवगन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा करसोग से शुरू की गई पुस्तकालय की पहल अब एक अभियान का रूप ले चुकी है। सराज में इसकी शुरुआत से दूरदराज ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर के नजदीक बेहतर संसाधन उपलब्ध हुए हैं।
‘अपना पुस्तकालय सराज’ अब केवल स्व-अध्ययन केंद्र की जगह मात्र नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के सपनों और भविष्य संवारने का एक नया केंद्र बन कर उभर रहा है।
📍 Location: Mandi (Mandi)

