Last Updated: October 4, 2026

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पंजाब में पहली बार बैसाखी पर विधानसभा का विशेष सत्र, पास हुआ बेअदबी विरोधी सख्त कानून

May 15, 2026

पंजाब में पहली बार बैसाखी पर विधानसभा का विशेष सत्र, पास हुआ बेअदबी विरोधी सख्त कानून

पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए एक अहम कानूनी कदम उठाते हुए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें बेअदबी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान लाए गए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की इस पहल को पवित्र ग्रंथों के प्रति सम्मान बढ़ाने और कानूनी रोकथाम को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में प्रस्तावित बदलावों के तहत नए कानून में दोषियों को और कड़ी सज़ा, भारी जुर्माना और उनकी संपत्ति जब्त करने के प्रावधान शामिल किए जाएंगे। खास बात यह है कि संशोधित फ्रेमवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली घटनाओं पर भी लागू होगा, जो बेअदबी के नए तरीकों से निपटने के लिए एक आधुनिक दृष्टिकोण दिखाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह ड्राफ्ट धार्मिक नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद तैयार किया गया था।

संत समाज और विभिन्न सिख समूहों के प्रतिनिधियों को चर्चा में शामिल किया गया ताकि कानून में समुदाय की भावनाएँ और कानूनी मजबूती दोनों दिखाई दें। विधानसभा का विशेष सत्र बैसाखी के दिन हुआ, जो पंजाब में गहरा सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखता है। जानकारों ने कहा कि यह समय सरकार की कानूनी कार्रवाई को लोगों के मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने के इरादे को दर्शाता है।

अमृतसर में हुई बैठक में धार्मिक संस्थाओं, विशेषज्ञों और समुदाय के प्रतिनिधियों ने बेअदबी के मामलों के त्वरित निपटारे और मजबूत सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिभागियों ने सिख विरासत का सम्मान करने और धार्मिक पवित्रता की रक्षा के लिए हाल ही में लाए गए उपायों की भी सराहना की। पहले बेअदबी की परिभाषा सीमित हो सकती थी, लेकिन अब इसे विस्तार देकर इसमें कई चीजें शामिल की गई हैं, जैसे फिजिकल, वर्बल, रिटन और डिजिटल नुकसान।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण बन सकता है और धार्मिक ग्रंथों और भावनाओं की सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट मानक स्थापित कर सकता है। चर्चा और आम सहमति पर जोर को भी कानून की अधिक स्वीकार्यता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए पंजाब विधानसभा में पारित यह अधिनियम अब मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए पंजाब के राज्यपाल के पास भेज दिया गया है।

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