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LPU Protest: 10 दिन की छुट्टी के आदेशों के बाद घरों को लौटने लगे छात्र, कहा- बाहरी लोगों ने भड़काई हिंसा

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LPU Protest: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार रात हुए हंगामे और तोड़फोड़ के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से अगले 10 दिनों तक नियमित कक्षाएं बंद रखने का ऐलान किया है। इसके साथ ही मध्य-अवधि यानी मिड-टर्म परीक्षाओं को भी फिलहाल टाल दिया गया है। फैसले के बाद सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र अपने हॉस्टल खाली करके घरों की ओर रवाना होने लगे। छात्रों का कहना है कि उन्हें 10 दिनों की छुट्टी से जुड़ा नोटिस मिला है और उन्हें घर जाने का विकल्प दिया गया है।

रविवार रात कैंपस में हुआ जमकर हंगामा
रविवार रात यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन के दौरान स्थिति काफी बिगड़ गई। कई जगह तोड़फोड़ हुई और कैंपस में अफरातफरी का माहौल बन गया। सोमवार सुबह छात्रों ने हॉस्टल से निकलना शुरू कर दिया। कई छात्र अपना सामान लेकर बसों और अन्य वाहनों से घर जाते हुए दिखाई दिए। छात्रों के मुताबिक, फिलहाल कैंपस में पहले के मुकाबले स्थिति शांत है, लेकिन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

कैंपस में भारी पुलिस बल तैनात
छात्र करण ने बताया कि अभी हालात कुछ हद तक सामान्य हैं। कैंपस में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद हैं और पुलिस की तैनाती के कारण स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, छात्रों का आरोप है कि रविवार रात प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और कैंपस में अफरातफरी फैल गई।

यूनिवर्सिटी की इमारतों में तोड़फोड़ का दावा
एक छात्रा ने कैंपस की स्थिति बताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी हॉल को काफी नुकसान पहुंचाया गया। छात्रा के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस बिल्डिंग में आग लगाने की घटना भी हुई। इसके अलावा एडमिशन ब्लॉक में भी तोड़फोड़ की गई। छात्रों की ओर से जीती गई कई ट्रॉफियों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है।

 

10 दिन की छुट्टी के बाद छात्र घर लौटे
यूनिवर्सिटी की ओर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं बंद करने की जानकारी मिलने के बाद छात्रों ने घर लौटना शुरू कर दिया। एक छात्र ने बताया कि उन्हें यूनिवर्सिटी की ओर से नोटिस मिल चुका था। नोटिस के अनुसार, नियमित कक्षाएं फिलहाल निलंबित हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं भी आगे के लिए टाल दी गई हैं। कई छात्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनके लिए घर जाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।

 

छात्रों को भविष्य की चिंता
कक्षाएं बंद होने के बाद छात्रों के सामने अब आगे की पढ़ाई को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कई छात्रों को यह स्पष्ट नहीं है कि 10 दिन बाद कैंपस में स्थिति पूरी तरह सामान्य होगी या नहीं। कुछ छात्र यह भी जानना चाहते हैं कि अगर हालात सामान्य नहीं हुए तो क्या ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएंगी। एक छात्र ने उम्मीद जताई कि अगर आने वाले दिनों में स्थिति ठीक रहती है तो करीब एक-दो सप्ताह में कैंपस का माहौल सामान्य हो सकता है।

छात्रों ने कहा कि स्थानीय गुंडे भी कैंपस में घुस आए थे, जिससे हालात बहुत खराब हो गए। गुंडों ने कई विभागों और पेड़ों में आग लगा दी थी। कई गुंडे चाकू लेकर लड़कियों के हॉस्टल में घुस गए थे। उन्हें रोकने का कोई तरीका नहीं था। यह सब रात 10 बजे से 12 बजे के बीच हुआ।

शाम को फिर बिगड़े हालात
दिन में स्थिति कुछ शांत रहने के बाद शाम को यूनिवर्सिटी के बाहर एक बार फिर तनाव बढ़ गया। छात्रों और पुलिस के बीच भिड़ंत की स्थिति बन गई। पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने के बाद हालात और बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की सूचना है।

पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़
हंगामे के दौरान कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया। जालंधर रेंज के DIG  नवीन सिंगला और SSP की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई अन्य पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई। कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर होना बाकी है।

कैंपस में सुरक्षा बढ़ाई गई
लगातार बढ़ते तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी और उसके आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। फिलहाल छात्रों की बड़ी संख्या अपने घरों की ओर रवाना हो रही है। वहीं, 10 दिनों के बाद कक्षाएं कब और किस व्यवस्था के तहत शुरू होंगी, इसको लेकर छात्रों के बीच अभी भी असमंजस बना हुआ है।

 

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