जालंधर : लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में रविवार को हुई हिंसा का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया है। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में विश्वविद्यालय परिसर में हुई कथित तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की घटनाओं के साथ पुलिस की कार्रवाई की भी जांच की मांग की गई है। जनहित याचिका को मंगलवार को तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ के समक्ष रखा गया।
पीठ ने मामले की सुनवाई बुधवार को करने पर सहमति जताई है। बुधवार को अदालत के समक्ष हिंसा की परिस्थितियों, पुलिस की कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग से जुड़े पक्ष रखे जाएंगे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव चोपड़ा ने अधिवक्ता अर्जुन श्योराण के साथ अदालत को बताया कि याचिका के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा के दौरान कथित तौर पर दंगा, आगजनी और लूटपाट की घटनाएं हुईं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उपद्रव के दौरान दुकानों में लूटपाट की गई, पुलिस और मीडिया कर्मियों पर पथराव हुआ तथा कुछ वाहनों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले किया गया।
याचिका में कहा गया है कि रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म की सूचना सामने आने के बाद छात्रों के बीच तनाव बढ़ा। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसके बाद स्थिति बिगड़ती गई और विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा की स्थिति पैदा हो गई। याचिका में हिंसा के दौरान हुई कथित संपत्ति क्षति और पुलिस व मीडिया पर पथराव सहित अन्य घटनाओं का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। अब हाई कोर्ट की बुधवार को होने वाली सुनवाई में याचिका में उठाए गए इन सभी मुद्दों पर दलीलें सुनी जाएंगी।

