पंजाब डेस्क: लुधियाना शहर को दहला देने वाले ड्रम मर्डर केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मामले को सुलझा लिया है। बता दें कि ड्रम में टुकड़ों में मिले युवक की पहचान दविंदरपाल सिंह के रूप में हुई है। वह भारती कॉलोनी, लुधियाना का निवासी था और हाल ही में मुंबई से अपने घर लौटा था।
दविंदरपाल पेशे से कंप्यूटर इंजीनियर था और बीते पांच महीनों से मुंबई में मशीनों से जुड़े तकनीकी कार्य की निगरानी कर रहा था। घर लौटने के महज दो दिन बाद ही उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
दोस्त ने ही रची खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया है कि इस हत्या को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि दविंदरपाल का करीबी दोस्त शेरा और उसकी पत्नी है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।
प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने पहले दविंदरपाल की हत्या की और फिर सबूत मिटाने के इरादे से आरी की मदद से शव के कई टुकड़े कर दिए। इसके बाद शव के हिस्सों को एक प्लास्टिक ड्रम में भरकर जालंधर बाइपास स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल के पास एक खाली प्लॉट में फेंक दिया।
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राहगीर की सतर्कता से खुला राज
यह सनसनीखेज मामला उस समय उजागर हुआ जब एक राहगीर की नजर खाली प्लॉट में पड़े संदिग्ध ड्रम पर पड़ी। बदबू आने पर उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब ड्रम खोला तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। शव के टुकड़ों को बाहर निकालने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
हत्या की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदली और हत्या के पीछे असली वजह क्या थी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की परतें धीरे-धीरे खोली जा रही हैं। इस मामले को लेकर पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा कर सकती है।
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