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लुधियाना में दिवाली से पहले बड़ी कार्रवाई: कोल्ड स्टोर से 1 टन से ज्यादा पुरानी मिठाइयां नष्ट, 3 सैंपल जांच के लिए भेजे

लुधियाना: दिवाली के त्योहार पर लोगों को साफ, ताजा और बिना मिलावट वाला खाना देने के लिए हेल्थ और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट मिलावट के खिलाफ खास कैंपेन चला रहा है। इसी के तहत, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. आशीष चावला की लीडरशिप में फूड सेफ्टी टीम ने अलग-अलग कोल्ड स्टोर पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान एक टन से ज़्यादा मिठाइयां, जो करीब दो से तीन महीने पुरानी थीं, नष्ट कर दी गईं, जबकि कद्दू, गुलाब जामुन और रसगुल्ले के तीन सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए लैब में भेजे गए।

जांच के दौरान पता चला कि कुछ मिठाई बनाने वालों की बनाई मिठाइयां लंबे समय से कोल्ड स्टोर में रखी हुई थीं। इनमें कद्दू, गुलाब जामुन, रसगुल्ले और दूसरी तरह की मिठाइयां शामिल थीं। फूड सेफ्टी टीम ने तय प्रोसेस के मुताबिक इन पुरानी मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि दिवाली पर ये बिकने के लिए मार्केट में न पहुंचें और लोगों की सेहत से भी खिलवाड़ न करें।

डॉ. आशीष चावला ने कहा कि दिवाली के समय मिठाई, दूध, पनीर, खोया और दूध से बने दूसरे प्रोडक्ट्स की डिमांड काफी बढ़ जाती है। इस मौके पर कुछ गैर-जिम्मेदार फूड ट्रेडर्स ज्यादा प्रॉफिट कमाने के लालच में पुराने या गलत तरीके से स्टोर किए गए फूड प्रोडक्ट्स बेचने की कोशिश कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए डिपार्टमेंट लगातार मिठाई की दुकानों, डेयरियों, प्रोडक्शन यूनिट्स और कोल्ड स्टोर्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इंस्पेक्शन के दौरान फूड प्रोडक्ट्स की फ्रेशनेस, क्वालिटी, स्टोरेज कंडीशन, साफ-सफाई और तय टेम्परेचर के नियमों का पालन खास तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि लोगों की हेल्थ से खिलवाड़ करने वाले किसी भी फूड ट्रेडर को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत सही एक्शन लिया जाएगा। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर ने हलवाइयों, डेयरी मालिकों और मिठाई बेचने वालों को सिर्फ ताजी और सुरक्षित मिठाइयां ही बनाने और बेचने की हिदायत दी।

मिठाई बनाने और स्टोर करने के दौरान साफ-सफाई और तय टेम्परेचर बनाए रखने का खास ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी फूड ट्रेडर्स के लिए एक्ट के शेड्यूल-4 के तहत बताए गए गुड हाइजीन प्रैक्टिस (GHP) और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) का पालन करना ज़रूरी है। इसके साथ ही, यह भी पक्का किया जाना चाहिए कि हर ट्रेडर के पास वैलिड फूड सेफ्टी लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन हो। उन्होंने कहा कि डिपार्टमेंट का यह कैंपेन सिर्फ दिवाली तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि त्योहारों के बाद भी कोल्ड स्टोर और दूसरे फूड स्टोर्स की जांच जारी रहेगी।

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने आम लोगों से भी अपील की कि दिवाली के मौके पर मिठाई और दूसरे फूड आइटम खरीदते समय सावधानी बरतें। मिठाई साफ-सुथरी और लाइसेंस वाली दुकानों से ही खरीदें और सस्ते दामों के लालच में क्वालिटी से समझौता न करें। खुले में रखी, बासी या खराब क्वालिटी की मिठाई खरीदने से बचें। अगर मिलावटी या संदिग्ध फूड आइटम बिकने की कोई जानकारी मिले तो डिपार्टमेंट को बताएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

डॉ. आशीष चावला ने कहा कि दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है और लोगों को सुरक्षित और शुद्ध फूड आइटम उपलब्ध कराना डिपार्टमेंट की मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि मिलावट के खिलाफ अभियान और कोल्ड स्टोर समेत अलग-अलग खाने की जगहों की सरप्राइज चेकिंग सख्ती से जारी रहेगी।

📍 Location: Ludhiana

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