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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और ट्रैफिक नियमों पर लुधियाना में सख्ती

Ludhiana Tightens Checks on Traffic Violations : लुधियाना। तेज रफ्तार वाहनों और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। आरटीए मनकंवल सिंह चाहल ने बताया कि अवैध ऑटो के चालान किए जा रहे हैं, जबकि हाल ही में नियमों का उल्लंघन करने वाली करीब 47 स्कूल बसों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने आरटीओ सेवाओं को ऑनलाइन करने, एजेंटों पर कार्रवाई और सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने की बात भी कही। ऐसे वाहनों को सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है। जिले का रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) मनकंवल सिंह चाहल इसे लेकर की गई सख्ती और कार्रवाइयों के बारे में जानकारी साझा की। इस बातचीत के साथ उन्होंने वहीं शहर में अवैध ऑटो, स्कूल बसों के नियमों की अनदेखी और आरसी-लाइसेंस की पेंडेंसी जैसे मुद्दे पर भी अपनी बात रखी है। सरकार ने आरटीओ से संबंधित अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं। अब लोगों को कार्यालय आने की कोई जरूरत नहीं है। कार्यालय में एजेंटों को आने की अनुमति नहीं है। यदि कोई व्यक्ति एजेंट के रूप में काम कर रहा है तो उसकी शिकायत की जा सकती है। उन पर कार्रवाई होगी। मौजूदा समय में आरटीओ कार्यालय भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। ज्यादातर काम ऑनलाइन या सुविधा केंद्र के माध्यम से हो रहे हैं। आरटीए आफिस में सर्वर डाउन रहने की समस्या अक्सर रहती है ? यह समस्या कब दूर होगी ? :यह तकनीकी समस्या है। यह समस्या न आए इंटरनेट की कई लाइनें बदलने के प्रयास किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को निर्देश हैं कि लोगों के काम बेवजह लंबित न रखे जाएं और जल्द से जल्द निपटाए जाएं। शहर में अवैध आटो और ई-ऑटो की बढ़ती संख्या से ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। इन्हें नियंत्रित करने के लिए क्या किया जाएगा ? अवैध ऑटो के चालान किए जा रहे हैं। समय समय पर पुलिस कंपाउंड भी करती है। रही बात जहां अधिक ट्रैफिक है, वहां वन-वे व्यवस्था भी की जा सकती है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की मदद से योजना बनाकर काम किया जाएगा। जहां तक ई-ऑटो को पूरी तरह रोकना विभाग के स्तर का फैसला नहीं है, क्योंकि इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। गांवों और शहर में चलने वाली स्कूल बसों में नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिलती हैं। हादसे भी हो गए। क्या कार्रवाई करेंगे ? विभाग की ओर से समय-समय पर चेकिंग की जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल बसों का चालान किए जाते हैं। गांवों में भी चेकिंग होती है। हाल ही में करीब 47 स्कूल बसों के चालान किए गए हैं। आगे भी कार्रवाई होगी।
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