
लुधियाना: बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से लुधियाना में ‘मैत्री संस्कार’ मूल्य-आधारित शिक्षा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन ने इसे फिलहाल 12 सरकारी स्कूलों में तीन शैक्षणिक वर्षों के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है।
इस पहल के तहत शनिवार को सोहन लाल पाहवा ऑडिटोरियम में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर एवं आईएएस अधिकारी हिमांशु जैन तथा जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान मौजूद रहीं। ‘मैत्री संस्कार’ के मेंटर एवं मैत्रेय दादाश्री जी के प्रत्यक्ष शिष्य श्री मित्र जीव और गवर्नेंस सेल की सदस्य भावना गहलोत ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
‘मैत्री संस्कार’ को मैत्री बोध परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट की पहल के तौर पर विकसित किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, भावनात्मक संतुलन, जीवन कौशल, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके लिए बच्चों को स्टूडेंट वर्कबुक के साथ विभिन्न गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। कहानी, अनुभव आधारित अभ्यास, आत्मचिंतन और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों के जरिए उन्हें मूल्यों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित स्कूलों को शिक्षण सामग्री के अलावा शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षणिक मार्गदर्शन, कक्षा स्तर पर सहयोग तथा नियमित निगरानी और मूल्यांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
शिक्षकों को दी गई बाल-केंद्रित शिक्षण की जानकारी
प्रशिक्षण सत्र का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों को ऐसी शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना रहा, जिनमें बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो। शिक्षकों को बताया गया कि किस तरह मूल्य-आधारित विषयों को रोचक गतिविधियों और दैनिक पाठ्यक्रम के साथ जोड़ा जा सकता है, ताकि विद्यार्थियों के लिए सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बने।
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल देना नहीं है, बल्कि उन्हें संवेदनशील, जिम्मेदार और अच्छे मूल्यों वाला नागरिक बनाना भी है।
वहीं, श्री मित्र जीव ने कहा कि ‘मैत्री संस्कार’ बच्चों को करुणा, ईमानदारी, सम्मान और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को केवल पढ़ने के बजाय अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में काम करेगा।
जिला प्रशासन और मैत्री बोध परिवार चैरिटेबल ट्रस्ट की यह साझी पहल फिलहाल 12 सरकारी स्कूलों से शुरू की गई है। प्रशासन के अनुसार, शुरुआती चरण के अनुभवों के आधार पर आने वाले समय में कार्यक्रम का विस्तार लुधियाना के अन्य सरकारी स्कूलों तक किया जाएगा। इससे अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और जीवन कौशल से जुड़ी सीख प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
मेष: दिन शुभ रहेगा...