Site icon Dainik Savera Times

चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के 3 आरोपी गिरफ्तार

Chandigarh Police

Chandigarh Police

पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ शहर में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का चंडीगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। ऑपरेशन सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देसी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी स्थानीय अपराधियों और बदमाशों को जरूरत के अनुसार हथियार उपलब्ध करवाने का काम करते थे। मामले की जांच के दौरान गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की भी तलाश की जा रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

डीआईजी राजीव रंजन सिंह के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर जसपाल सिंह की निगरानी में ऑपरेशन सेल की टीम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर मौलीजागरां निवासी 23 वर्षीय अभियास उर्फ अभिषेक को फेज-2 स्थित बीएसएनएल मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई।

पूछताछ में सामने आए दो और नाम

पुलिस रिमांड के दौरान अभियास से की गई पूछताछ में उसके दो अन्य साथियों के नाम सामने आए। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने डीएमसी कॉलोनी निवासी विकास उर्फ बत्ती को सेक्टर-43 क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ।

इसके बाद पुलिस ने मनीमाजरा निवासी तैयब उर्फ चेतन को किशनगढ़ चौक के पास से गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से भी एक अवैध हथियार बरामद किया गया।

कई गंभीर मामलों में पहले से दर्ज हैं केस

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी अभियास का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, धमकी, सरकारी कर्मचारी पर हमला और आर्म्स एक्ट समेत करीब 19 मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

वहीं विकास उर्फ बत्ती के खिलाफ भी छह आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और अवैध हथियार रखने जैसे आरोप शामिल हैं। तीसरे आरोपी तैयब उर्फ चेतन का नाम भी लूट और चोरी के मामलों में सामने आ चुका है।

ये भी पढ़ें…

हथियार सप्लाई चेन की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिलते थे और वे किन लोगों तक उनकी सप्लाई करते थे। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।

Exit mobile version