
न्यूज डेस्क: पंजाब सरकार की ओर से नशे के खात्मे के लिए चलाई जा रही मुहिम ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के तहत शनिवार को मोगा पुलिस ने जिले भर में बड़े स्तर पर CASO (कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन) चलाया। एसएसपी सरताज सिंह चहल की अगुवाई में जिले के चारों विधानसभा हलकों के विभिन्न ड्रग हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस टीमों ने विशेष घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान में 400 से अधिक पुलिस मुलाजिमों को तैनात किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, जबकि कई घरों और वाहनों की जांच की गई। इस दौरान पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी भी संयुक्त रूप से अभियान की निगरानी करते रहे।
एसएसपी सरताज सिंह चहल ने बताया कि पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नशा तस्करों के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिले के चारों विधानसभा हलकों में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। इस अभियान को किसी एक दिन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस की रणनीति केवल छापेमारी और गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन इलाकों को ड्रग हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है, वहां का माहौल बदलने और उन्हें दोबारा विकसित करने की भी योजना बनाई गई है। संबंधित विभागों के सहयोग से ऐसे इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, पार्क विकसित करने तथा बच्चों और आम लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर काम किया जा रहा है।
हॉटस्पॉट इलाकों में बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा जोर
एसएसपी ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। मोगा पुलिस के कंट्रोल रूम में पहले से ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की सुविधा उपलब्ध है। अब फील्ड अधिकारियों के कार्यालयों में भी ऐसी व्यवस्था उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन के सहयोग से पहले भी कुछ स्थानों पर दो से तीन संपत्तियों को गिराने की कार्रवाई की जा चुकी है। यदि किसी स्थान पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने या गैर-कानूनी निर्माण की पुष्टि होती है तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सूचना देने वालों की पहचान रखी जाएगी गुप्त
एसएसपी ने आम लोगों, बुजुर्गों और बच्चों से अपील की कि नशा मुक्त पंजाब बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जा सकती है। लोगों को सूचना देने के दौरान अपनी पहचान उजागर होने का डर नहीं रखना चाहिए। इसके लिए सेफ पंजाब हेल्पलाइन के माध्यम से भी जानकारी दी जा सकती है। हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। प्राप्त सूचना की पुष्टि करने के बाद ही संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

तीन मेडिकल स्टोर करवाए सील
नशे के अवैध कारोबार में शामिल मेडिकल स्टोरों के खिलाफ की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए एसएसपी ने बताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से अब तक तीन मेडिकल स्टोर सील करवाए जा चुके हैं। इन मेडिकल स्टोरों के संबंध में प्रतिबंधित दवाइयों और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की बिक्री को लेकर सूचनाएं मिली थीं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित विभागों की सहायता से कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जहां भी नशे से संबंधित गैर-कानूनी गतिविधि सामने आएगी, वहां पुलिस और प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि शनिवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान की गई कार्रवाई और बरामदगी के संबंध में विस्तृत जानकारी शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इसे सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है।
खस्ताहाल इमारतें होंगी सील या ध्वस्त : एडीसी
एडीसी जसपिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी की ओर से जारी निर्देशों के तहत जिले के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। एसएसपी, एसडीएम और अन्य राजपत्रित अधिकारियों की अगुवाई में यह कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही ऐसे स्थानों की पहचान भी की जा रही है, जहां नशे का सेवन होने की आशंका है या जहां खस्ताहाल और गैर-कानूनी इमारतें नशा करने वालों के ठिकाने बन सकती हैं। ऐसी जगहों की सफाई करवाने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार उन्हें सील करने या नियमों के मुताबिक गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और मोहल्लों में भी संवेदनशील स्थानों की पहचान की जा रही है। जिन स्थानों पर अंधेरा रहता है, वहां स्ट्रीट लाइटें और सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

युवाओं को खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ेंगे
एडीसी ने बताया कि इस अभियान में ग्रामीण विकास, शहरी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए उन्हें खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए खेल मैदान तैयार करवाने और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान प्रदर्शनियां आयोजित करने जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को इलाज के लिए ओट सेंटरों, सिविल अस्पतालों के ड्रग डी-एडिक्शन और पुनर्वास केंद्रों से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे उचित उपचार लेकर दोबारा सामान्य जीवन में लौट सकें।
पार्कों और श्मशानघाटों को सुरक्षित बनाने की योजना
एडीसी ने कहा कि विशेष रूप से श्मशानघाटों और पार्कों जैसी सार्वजनिक जगहों को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने को प्राथमिकता दी जा रही है। इन स्थानों पर रोशनी के लिए सोलर स्ट्रीट लाइटें तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। यदि कोई इमारत गैर-कानूनी या अत्यधिक खस्ताहाल स्थिति में पाई जाती है तो उसे नियमों के अनुसार सील या ध्वस्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन का संयुक्त उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना भी है, जिसमें युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखकर खेलों, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा सके।
📍 Location: मोगा