जालंधर : लवली प्रोफैशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुए हिंसक प्रदर्शन की जांच में जुटी पुलिस को एक और सफलता मिली है। जांच के दौरान पुलिस ने राजस्थान और उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और उपद्रव में शामिल होने का आरोप है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश अपूर्वा निवासी मेहराटा (राजस्थान) और आदित्य निवासी हाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में दोनों की भूमिका प्रदर्शन के दौरान वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाओं से जुड़ी बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मामले में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।
इससे पहले पुलिस इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 20 लोगों को नामजद किया जा चुका है। जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार विभिन्न राज्यों में दबिश देकर आरोपियों की तलाश कर रहा है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, समाचार चैनलों की फुटेज, विश्वविद्यालय परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से विश्लेषण किया गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इससे पूर्व पुलिस हिमाचल प्रदेश के मंडी से उस नाबालिग छात्र को भी हिरासत में ले चुकी है, जो हिंसा के दौरान परिसर के बाहर स्थापित मिग-23यूएम फाइटर जैट पर चढ़ गया था।
इसके अलावा फगवाड़ा, जम्मू और मुंबई से भी आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पथराव, सरकारी कार्य में बाधा, वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की।
मामले में थाना सतनामपुरा में एफआईआर संख्या 163 तथा थाना सदर फगवाड़ा में एफआईआर संख्या 106 दर्ज है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।

