
पंजाब डेस्क: अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस ने अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 9 अवैध पिस्तौल और 6.311 किलोग्राम हेरोइन बरामद होने का दावा किया गया है।
तीन तस्करी नेटवर्क का खुलासा
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘x’ पर इस कार्रवाई की जानकारी सांझा की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कथित तौर पर विदेश में बैठे हैंडलर्स से संपर्क थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों को अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की खेप विदेश स्थित संपर्कों के जरिए मिलती थी, जिसके बाद निर्देश के अनुसार उनकी सप्लाई की जाती थी।
In a major breakthrough, Amritsar Commissionerate Police dismantles three illegal arms and drug trafficking networks, arrests five accused, and recovers 9 illegal pistols, 6.311 Kg heroin.
Preliminary investigation reveals that the accused were allegedly in contact with… pic.twitter.com/epmuzxcGHH
— DGP Punjab Police (@DGPPunjabPolice) August 24, 2026
9 अवैध पिस्तौल और 6.311 किलो हेरोइन बरामद
पुलिस की कार्रवाई में कुल 9 अवैध पिस्तौल और 6.311 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
तीन FIR दर्ज, जांच जारी
मामले में अमृतसर के पुलिस स्टेशन कैंटोनमेंट और पुलिस स्टेशन छेहरटा में तीन FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस के मुताबिक, आगे की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विदेशी हैंडलर्स और अन्य सहयोगियों की तलाश
जांच एजेंसियां आरोपियों के कथित विदेशी संपर्कों के साथ-साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही हैं। पुलिस का उद्देश्य हथियार और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़ी पूरी फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकज को उजागर करना है, ताकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सके।
ये भी पढ़ें…
ड्रग्स और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान जारी
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि सीमा पार से संचालित नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा। पुलिस का लक्ष्य पंजाब को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने के साथ-साथ ऐसे संगठित नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।