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SSP Harkamal Preet Singh Khakh की अगुवाई में बड़ा ऑपरेशन, अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश; 48 लोगों को छुड़ाया

मालेरकोटला: अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के खिलाफ लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए मालेरकोटला पुलिस ने थाना अमरगढ़ के अंतर्गत आने वाले गांव बिज्जोकी कलां में एक और ऐसे केंद्र का पर्दाफाश किया है। यह केंद्र “नशा मुक्त समाज वेलफेयर सोसायटी” के नाम पर चलाया जा रहा था। आरोप है कि यहां नशे के आदी व्यक्तियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाकर रखा जाता था, उनके साथ मारपीट की जाती थी और उनसे जबरन काम करवाया जाता था।

आरोपियों की पहचान जतिंदर सिंह पुत्र गुरमीत सिंह निवासी नुशहिरा तथा हम्मद सदीक उर्फ शिकू पुत्र मोहम्मद सदीक निवासी कच्चा जमालपुरा, मालेरकोटला के रूप में हुई है। आरोपी जतिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया के साथ जानकारी साझा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री हरकमल प्रीत सिंह खख ने बताया कि यह कार्रवाई “युद्ध नशियां विरुद्ध” अभियान के तहत डीएसपी अमरगढ़ श्री संजीव कपूर की निगरानी में की गई है। दिनांक 24.10.2026 को सहायक थानेदार (एएसआई) बलविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस पार्टी गांव बिज्जोकी कलां के पास गश्त पर थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली। सूचना के अनुसार आरोपी एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र चला रहे थे, जहां नशे के आदी व्यक्तियों को उनकी सहमति के बिना उठाकर जबरन बंधक बनाया जाता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्र पर छापा मारा और वहां बंधक बनाए गए 48 व्यक्तियों को छुड़ाया।

इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ थाना अमरगढ़ में मुकदमा नंबर 352 दिनांक 24.10.2026 दर्ज किया गया है। यह मुकदमा बीएनएस की धारा 140(4), 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत दर्ज है। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।

एसएसपी खख ने कहा कि नशा मुक्ति चिकित्सा उपचार और मानवीय गरिमा का विषय है, और किसी को भी इसे धोखाधड़ी और अत्याचार का धंधा बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध केंद्रों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

एसएसपी खख ने लोगों से अपील की कि नशा मुक्ति का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों या लाइसेंस प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों में ही करवाया जाए। अवैध केंद्रों या नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि की जानकारी नजदीकी थाने में दी जा सकती है, और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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