होशियारपुर Mandiala: होशियारपुर-जालंधर रोड पर गांव मंडियाला के पास हुए गैस टैंकर-पिकअप हादसे में चार और लोगों की मौत के साथ लोगों में शोक और गुस्से की लहर है और रविवार को लगातार दूसरे दिन भी गांव के सामने हाईवे पर धरना दिया गया।
मडियाला वासियों के पक्ष में आसपास के करीब दस गांवों के लोगों को संबोधित करते हुए मडियाला के हरमिंदर सिंह ने बताया कि प्रशासन को पहले ही बताया गया था कि पिछले लंबे समय से गांव मडियाला में अवैध रूप से गैस निकालने का गोरखधंधा चल रहा है। मगर प्रशासन ने उस तरफ ध्यान नहीं दिया और इसका नतीजा गांव के लोगों को अपनी जान की कीमत चुकाकर देना पड़ा।
हरिमंदर सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले अमृतसर के गांव मजीठा में कुछ लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई तो पंजाब सरकार ने मृतकों को दस-दस लाख रु पये देने का ऐलान किया था। मगर गांव मडियाला के बिल्कुल बेकसूर अपने घरों में आराम कर रहे थे और जान गंवा बैठे, फिर उन्हें केवल दो-दो लाख रु पए देना कहां का न्याय है। यहीं नहीं 13 दुकानें पूरी तरह से जलकर राख हो गई हैं।
उक्त दुकान मालिकों को सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं देने का ऐलान किया है। उक्त दुकानदारों की माली सहायता की जाए ताकि वे अपने पैरों पर खड़े हो पाएं। कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि घायल हुए लोगों को इलाज के बाद भी सहायता के रूप में मदद की जाए।
तीन मरीजों की हालत गंभीर
होशियारपुर के प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर ने बताया कि एक बच्चे की हालत सीरियस होने के चलते उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। उक्त अस्पताल में आठ मरीज भर्ती हैं जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी है जो आक्सीजन पर चल रहे है। कुछ लोगों ने बताया कि मृतकों की संख्या आठ हो गई है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं की है।

