
मानसा : कैमिस्ट दुकानदार द्वारा गोलियां मारकर कत्ल किए गए एंटी ड्रग्ज टास्क फोर्स के कारकून परविंदर सिंह झोटा के कत्ल को लेकर वीरवार को पंजाब बंद दौरान राज्य भर का जन सैलाब मानसा पहुंचाया। मानसा, बठिंडा, बरनाला, सुनाम, पटियाला, भवानीगढ़ समेत अन्य जगहों से बड़ी गिनती में नौजवान, जत्थेबंदियों के नेता, निहंग जत्थेबंदियों ने मानसा में पहुंचकर सड़कों पर रोष प्रदर्शन किया और परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री से इस्तीफे व डीजीपी को बर्खास्त करने की मांग करते इंसाफ की मांग की।
करीब 6 जिलों की पुलिस मानसा के चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दी। पुलिस द्वारा बैरीकेड व नाके लगाकर बाहर से आने वाले काफिलों को रोका भी गया लेकिन पुलिस की रोकों के बावजूद पंजाब भर से लोग परविंद्र झोटा के लिए इंसाफ लेने के लिए मानसा पहुंचे। मानसा के अलावा भीखी, बुढलाडा, सरदूलगढ़, झुनीर व गांवों में मुकम्मल तौर पर बंद रहा और बाजारों में जगह-जगह पर धरने प्रदर्शन व परविंद्र झोटा के हक में काफिले नारेबाजी करते रहे।
जिला प्रशासन अधिकारियों की परविंद्र झोटा कत्ल कांड संघर्ष कमेटी के अधिकारियों से बातचीत होती रही लेकिन वह किसी सिरे नहीं लग सके। वीरवार को सुबह हुई जोरदार बारिश से मानसा की सड़कें पानी से भर गईं लेकिन इसके बावजूद लोग ट्रैक्टर-ट्रालियां, कारें, जीपें, पैदल काफिले व ट्रक मोटर गाड़ियों पर पहुंचे। परविंद्र सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने पंजाब भर के लोगों को पंजाब बंद का आह्वान देते कहा कि वह न झुकेंगे और न बिकेंगे।
उनके बेटे के कत्ल का इंसाफ पंजाब के लोगों ने लेना है। भीम सिंह की पुलिस अधिकारियों के साथ भी तीखी तकरीरें हुई। डीआईजी हरजीत सिंह, डीसी नवजोत कौर, एडीसी पूनम सिंह, एसएसपी वैभव चौधरी ने मोर्चा संभाला हुआ था लेकिन प्रशासन अधिकारियों की धरनाकारियों, प्रदर्शनकारियों ने कोई बात नहीं सुनी।
वीरवार की सुबह मानसा में जोरदार बारिश पड़ने के बाद परविंदर झोटा कत्ल कांड संघर्ष कमेटी द्वारा पंजाब बंद के दिए आह्वान को बड़ी मुश्किलें आई लेकिन बारिश व सड़कों पर भरे पानी की बिना परवाह करते बड़ी गिनती में कोने-कोने से काफिले, झंडे व परविंदर झोटे की फोटो लेकर नारेबाजी करते हुए बड़ी गिनती में लोग मानसा पहुंचे।
भीम सिंह ने कहा कि वह अपने बेटे के कत्ल का इंसाफ लेने के लिए आखिरी दम तक यह लड़ाई लड़ेंगे और नशा तस्करों विरुद्ध मोहरी होकर खुद लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने लक्खा सिद्धाना व भाना सिद्धू आदि ने डीआईजी हरजीत सिंह द्वारा परविंदर झोटा के कत्ल की वजह पुरानी रंजिश संबंधी की टिप्पणी पर एतराज जताया जिस पर डीआईजी हरजीत सिंह ने उनसे क्षमा याचिका मांगी।
उन्होंने पंजाब बंद के आह्वान दौरान राज्य के विभिन्न गांवों, शहरों में से आने वाले लोगों को घेरकर पुलिस द्वारा डिटेन करने संबंधी भी सवाल किए और कहा कि पुलिस ने पंजाब बंद को असफल करने के लिए बीती कल से ही मानसा आने के लिए तैयारी में बैठे व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थानों में बंद कर दिया था।
पुलिस सरकार के आदेश पर यह सब कर रही है लेकिन जितना इसको दबाया जाएगा, उतना ही और प्रचंड होगा। इस मौके गुरलाभ सिंह माहल, मनिक गोयल, जसवीर कौर नत, अर्शदीप गागोवाल, किरणजीत गहरी, गुरप्रीत सिंह विक्की, बड़ी गिनती में यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी व निहंग जत्थेबंदियों के नेता पहुंचे।