मोगाः शहीदों की कुर्बानी और उनके सम्मान से जुड़ी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली एक घटना मोगा जिले के गांव वैरोके में सामने आई है। बाघापुराना क्षेत्र के इस गांव में शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ करने और उस पर रंग लगाने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। घटना की जानकारी मिलने पर गांव के लोगों ने इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और जिम्मेदार व्यक्ति की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शहीद भगत सिंह देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान क्रांतिकारी थे। उनकी प्रतिमा के साथ इस तरह की हरकत करना निंदनीय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
पुलिस को दी गई शिकायत, जांच शुरू
इस मामले में डीएसपी बाघापुराना जसविंदर सिंह खैहरा ने बताया कि गांव वैरोके में शहीद भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ किए जाने संबंधी ग्रामीणों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रतिमा पर पेंट आदि लगा हुआ है और पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने जताया रोष, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह किसी एक गांव, क्षेत्र या वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के गौरव हैं। उन्होंने देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजाद करवाने के संघर्ष में अहम भूमिका निभाई और अपने विचारों, साहस तथा बलिदान से देशवासियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। आज भी उनके विचार युवाओं को देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देते हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि शहीदों की प्रतिमाएं केवल स्मारक नहीं, बल्कि देश के इतिहास, स्वतंत्रता संघर्ष और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक हैं। ऐसे में प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाने के लिए जांच में तेजी लाई जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों के अनुसार, शहीद भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। उनका बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस कार्रवाई पर टिकी है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि मामले की सच्चाई सामने लाकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
📍 Location: मोगा

