Mass leave on August 27 : मोगा। पंजाब मुलाजिम और पेंशनर्स सांझा फ्रंट व सांझा मुलाजिम मंच पंजाब की सांझी तालमेल कमेटी ने कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। कमेटी के अनुसार 27 अगस्त को कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर तहसील व जिला केंद्रों पर बड़े प्रदर्शन करेंगे। वहीं, 17-18 अगस्त की पेन डाउन/कंप्यूटर डाउन हड़ताल के समर्थन में जिला केंद्रों पर सरकार के पुतले फूंके जाएंगे।
बैठक के बाद कमेटी के प्रमुख नेताओं सुखचैन सिंह खैरा, सतीश राणा, साहिल शर्मा, भजन सिंह गिल, तेजिंदर नंगल, जर्मनजीत सिंह, अमित कटोच, कर्म सिंह धनौआ, मनप्रीत सिंह, रणजीत सिंह राणवा, हरनेक सिंह, गगनदीप सिंह भुल्लर, मनदीप सिंह सिद्धू, राकेश शर्मा और कुलविंदर ढिल्लों ने कहा कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में हुई विशाल रैली और पंजाब विधानसभा की ओर मार्च ऐतिहासिक रहा। उन्होंने इसमें शामिल हुए कर्मचारियों और पेंशनरों का धन्यवाद किया। नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की कि महंगाई भत्ते के मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने का इरादा छोड़कर हाईकोर्ट के आदेशों को लागू किया जाए तथा कर्मचारियों और पेंशनरों को तुरंत महंगाई भत्ते की अदायगी की जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों के समाधान के लिए सांझी तालमेल कमेटी के साथ जल्द बैठक बुलाई जाए। कमेटी ने ऐलान किया कि 27 अगस्त को पंजाब सरकार के कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाएंगे।
इस दिन तहसील और जिला केंद्रों पर बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे। सामूहिक अवकाश को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की कर्मचारी जत्थेबंदियां अपने उच्च अधिकारियों को नोटिस भेजेंगी। बैठक में पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन द्वारा 17 और 18 अगस्त को की जा रही पेन डाउन/कंप्यूटर डाउन हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया गया। कमेटी ने फैसला किया कि हड़ताल के समर्थन में 17 और 18 अगस्त को जिला केंद्रों पर पंजाब सरकार के पुतले फूंके जाएंगे। वहीं, 27 अगस्त के कार्यक्रम की तैयारियों के लिए 18 अगस्त को जिला स्तर पर सांझी तालमेल कमेटी की बैठकें आयोजित की जाएंगी। नेताओं ने कहा कि यदि 27 अगस्त को मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक नहीं होती या कर्मचारियों एवं पेंशनरों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तो उसी दिन कमेटी की ओर से अगले संघर्ष का ऐलान किया जाएगा।
कमेटी ने पेंशनरों के लिए 2.59 गुणांक लागू करने, कच्चे, आउटसोर्स, इनलिस्टमेंट, सोसायटी और स्कीम वर्करों को पक्का करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, मिड-डे मील, आशा और आंगनवाड़ी वर्करों को न्यूनतम वेतन स्केल देने, एसीपी योजना बहाल करने, बंद किए गए भत्ते दोबारा लागू करने, ग्रेच्युटी की सीमा 20 से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने तथा 200 रुपये प्रतिमाह जजिया टैक्स समाप्त करने सहित अन्य मांगें भी उठाईं। बैठक में वित्त मंत्री द्वारा कर्मचारियों को कथित तौर पर ‘एंटी स्टेट’ कहे जाने की भी कड़ी निंदा की गई। नेताओं ने कहा कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को कर्मचारियों की मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान करना चाहिए। सांझी तालमेल कमेटी ने 27 अगस्त के संघर्ष को समर्थन देने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा का धन्यवाद किया। इसके अलावा 23 अगस्त को पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री के गांव सतौज में की जा रही रैली का भी समर्थन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पेंशनर नेता मौजूद रहे।

