Mathura Boat Tragedy : खुश थे और भजन-कीर्तन करते हुए नाव में आगे बढ़ रहे थे… तभी अचानक अचानक नाव पुल की तरफ तेजी से जाने लगी। उन्होंने नाविक को कई बार रुकने के लिए कहा कम से कम चार बार लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। देखते ही देखते नाव पुल से टकरा गई और अफरा-तफरी मच गई। तनिश, जो इस नाव में सवार थे, इस हादसे को याद करते हुए रो पड़े।
आंखों के सामने हुआ हादसा
तनिश ने बताया कि हवा तेज चल रही थी और उन्हें पहले ही लगने लगा था कि कुछ गलत हो सकता है। नाव बीच में एक बार हिल भी गई थी। यात्रियों ने कहा कि नाव में ज्यादा लोग हैं, कुछ लोगों को उतार दिया जाए। पहले ही चार लोगों को दूसरी नाव में भेजा जा चुका था, लेकिन नाविक ने और लोगों को उतारने से मना कर दिया। जैसे ही नाव पुल के पास पहुंची, जिसके बाद पुल से टकराया और नाव तुरंत क्रैश होकर पलट गई।
Negligence killed, not faith.
An overloaded steamer in Mathura carried devotees from Punjab,no life jackets, no safety checks. It capsized. 10 lives lost.
This wasn’t an accident. It was a disaster waiting to happen. 💔 pic.twitter.com/Ubi2LGOv5b— The Nalanda Index (@Nalanda_index) April 10, 2026
नाविक ने नहीं की बचाने की कोशिश
तनिश ने रोते हुए बताया कि हादसे के बाद नाविक ने न तो खुद पानी में कूदकर मदद की और न ही किसी को बचाने की कोशिश की। लोग चिल्लाते रहे कि गोताखोर बुलाओ, लेकिन तुरंत कोई मदद नहीं पहुंची। लोगों ने खुद ही एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की। कई लोगों के हाथ तक छिल गए। कुछ लोग तैरकर बाहर निकले, जबकि कुछ को बाद में गोताखोरों ने बचाया।
पुल से टकराने की वजह
एक अन्य यात्री श्वेत जैन ने बताया कि यमुना नदी में पीपों (पांटून) का पुल बना हुआ था, जिसे पानी बढ़ने के कारण हटाया जा रहा था। ये पीपे नदी में बह रहे थे और नाव उन्हीं से टकरा गई। उन्होंने बताया कि नाव दो बार टकराने से बच गई थी, लेकिन तीसरी बार टकराकर पलट गई।
श्रद्धालुओं में मातम
हादसे की खबर जैसे ही आश्रम तक पहुंची, वहां मौजूद श्रद्धालु रोने लगे। हर तरफ दुख और चीख-पुकार का माहौल बन गया। प्रशासन की बड़ी लापरवाही यह हादसा प्रशासन की लापरवाही को भी दिखाता है। यमुना रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत पांटून पुल हटाया जा रहा था, लेकिन वहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो उस इलाके को बंद किया गया था। न ही लोगों को चेतावनी दी गई । जेसीबी मशीन से पुल हटाया जा रहा था। इसी दौरान नाव वहां पहुंच गई और हादसा हो गया।
नाव में ज्यादा लोग थे सवार
करीब 37 लोग नाव में सवार थे। कुछ यात्रियों को डर लग रहा था और उन्होंने चालक से स्पीड कम करने को कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि यह उसका रोज का काम है।
कम पानी और तेज स्पीड बनी वजह
जहां पुल हटाया जा रहा था, वहां पानी कम था। नाव वहां फंस गई। उसे निकालने के लिए चालक ने स्पीड बढ़ाई, जिससे नाव का नियंत्रण बिगड़ गया। लोगों ने फिर कहा कि अब वापस चलो, लेकिन चालक ने नहीं सुना। अचानक तेज हवा चली और नाव पुल से टकरा गई।
वजन एक तरफ होने से नाव पलटी
टक्कर के बाद नाव में बैठे लोग डरकर एक तरफ इकट्ठा हो गए। इससे नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
आसपास के नाविक भी मदद के लिए पहुंचे
हादसे के बाद गोताखोर तुरंत नदी में कूदे और लोगों को बचाने लगे। आसपास के नाविक भी मदद के लिए पहुंचे। लेकिन तब तक कई लोग नदी में डूब चुके थे।
10 लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों की जान चली गई। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया।
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