अमृतसर: मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल एसोसिएशन अमृतसर में पहला मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल अमृतसर-2026 ऑर्गनाइज कर रहा है। यह फेस्टिवल 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को खालसा यूनिवर्सिटी, अमृतसर में ऑर्गनाइज किया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) जे.एस. चीमा PVSM, AVSM, VSM ने कहा कि मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल का मकसद युवा पीढ़ी और आम लोगों को देश की सुरक्षा, मिलिट्री इतिहास, युद्ध की रणनीतियों और भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक उपलब्धियों से परिचित कराना है। इस फेस्टिवल के दौरान अमृतसर की धरती से जुड़े महत्वपूर्ण मिलिट्री इतिहास पर भी रोशनी डाली जाएगी।
उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक ‘पश्चिम एशिया में अशांति और भारत के हित’ विषय पर चर्चा होगी, जबकि दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक ‘जलियांवाला बाग हत्याकांड कड़वी विरासत: खूनी वसंत’ विषय पर एक सेशन होगा। इसी तरह 1 सितंबर को सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक ‘1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध अमृतसर सेक्टर में मिलिट्री ऑपरेशन’ टॉपिक पर एक स्पेशल सेशन होगा। इस सेशन में 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अमृतसर सेक्टर में हुए मिलिट्री ऑपरेशन और उनसे जुड़े ऐतिहासिक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) जे.एस. चीमा ने आगे बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल टी.एस. शेरगिल, PVSM, Ph.D. (रिटायर्ड) भी इस मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में खास तौर पर मौजूद रहेंगे। डॉ. चीमा ने स्टूडेंट्स, युवाओं और इतिहास और मिलिट्री मामलों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों से इस मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में हिस्सा लेने की अपील की। ऐसे इवेंट्स से युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और मिलिट्री इतिहास को गहराई से समझने का मौका मिलता है।

