
Minister Mundian arrives in Moga : मोगा। कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने नशे के खिलाफ चल रही ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम को लेकर पुलिस अधिकारियों, कोऑर्डिनेटरों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने नशा तस्करों पर सख्ती, सप्लाई चेन तोड़ने और नशे की लत से पीड़ित युवाओं के उपचार व पुनर्वास पर जोर दिया। मुंडियां ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
कैबिनेट मंत्री ने पुलिस अधिकारियों से ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत अब तक की गई कार्रवाई और प्रगति की जानकारी भी हासिल की। हरदीप सिंह मुंडियां ने पुलिस प्रशासन, नशा विरोधी कोऑर्डिनेटरों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आपसी तालमेल के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और इस अभियान को जमीनी स्तर पर और मजबूत किया जाएगा। पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार, पुलिस प्रशासन, पार्टी पदाधिकारियों, वालंटियरों और आम लोगों की ओर से मिलकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 1 फरवरी 2025 से शुरू की गई ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम के तहत नशे की सप्लाई चेन तोड़ने, तस्करों को गिरफ्तार करने और नशे की लत से पीड़ित लोगों का उपचार करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले समय के दौरान पंजाब भर में बड़ी मात्रा में हेरोइन सहित अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं तथा बड़ी संख्या में तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने मोगा पुलिस की नशे के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी सराहना की। मुंडियां ने कहा कि कई नशा तस्कर पंजाब छोड़कर भाग गए हैं, जबकि कई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई में सरकार का पूरा सहयोग कैबिनेट मंत्री ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी का कोई भी वालंटियर, पदाधिकारी या विधायक नशा तस्करों की सरपरस्ती नहीं करता। उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल तस्करों के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे की लत का शिकार हुए युवाओं का उपचार भी उतना ही जरूरी है। नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से युवाओं को नशे से बाहर निकालकर दोबारा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नशा छोड़ने वाले युवाओं को ‘सूरमे’ के रूप में प्रोत्साहित किया जा रहा है। खेल, शिक्षा और रोजगार से युवाओं को जोड़ने पर जोर मुंडियां ने कहा कि सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रयास कर रही है। खेल मैदानों का निर्माण, शिक्षा के स्तर में सुधार और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने से युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। मोगा जिले के कई गांवों द्वारा खुद को नशामुक्त गांव घोषित करना और पुलिस व प्रशासन का सम्मान करना इस अभियान में लोगों की भागीदारी का प्रमाण है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ यह जंग लगातार जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाकर ‘रंगला पंजाब’ बनाना है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...