
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार द्वारा प्रदेश में युवा सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आईटी सक्षम युवा योजना-2024 तैयार की है। जिसके तहत पहले चरण में 5000 युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2024-25 के बजट अभिभाषण के दौरान मिशन60000 के अनुरूप तैयार की गई योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों के 60000 युवाओं को रोजगार देना है। योजना के तहत आईटी पृष्ठभूमि वाले युवाओं (स्नातक/स्नातकोत्तर) को रोजगार प्रदान किया जाएगा, जो न्यूनतम तीन महीने की अवधि के लिए हरियाणा आईटी कार्यक्रम (विशेष रूप से डिजाइन किए गए अल्पकालिक पाठ्यक्रम) करेंगे। उसके बाद हरियाणा राज्य में विभिन्न विभागों/बोडरें/निगमों/जिलों/पंजीकृत समितियों/एजेंसियों या निजी संस्थाओं में तैनात किया जाएगा। आईटी सक्षम युवा को पहले 06 महीनों में 20000 रुपये का मासिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। उसके बाद सातवें महीने से 25000 रुपये मासिक इंडेंटिंग संस्थाओं द्वारा दिए जाएंगे। यदि किसी आईटी सक्षम युवा को तैनात नहीं किया जा सकेगा तो उस स्थिति में सरकार उसे 10000 रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देगी। सरकार इन प्रशिक्षित आईटी सक्षम युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने में सुविधा प्रदान करेगी।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम संशोधन को प्रदान की स्वीकृति : मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधन) अधिनियम में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। संशोधन का उद्देश्य हरियाणा सिख गुरुद्वारा न्यायिक आयोग के अध्यक्ष की पात्रता मानदंडों में परिवर्तन करना है ताकि राज्य में सिख गुरुद्वारों और गुरुद्वारा संपत्तियों का अधिक प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जा सके। संशोधन के अनुसार अब हरियाणा सिख गुरुद्वारा ज्यूडिशियल कमीशन में चेयरमैन के पद पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की भी नियुक्ति हो सकेगी। इससे पहले केवल जिला एवं सत्र न्यायाधीश को ही चेयरमैन पद पर नियुक्त करने का प्रावधान था। मौजूदा प्रावधान में चेयरमैन के लिए निर्धारित अधिकतम 65 वर्ष की आयु की सीमा को भी खत्म कर दिया गया है।