
Mobile phone addiction will cause harm : लुधियाना। आज की भागदौड़ की दुनिया में मोबाइल हमारे लिए जरूरी हो गया है। ऐसा भी नहीं है कि हमें मोबाइल नहीं चलना चाहिए, लेकिन जितना जरूरी हो उतना ही चलाएं। आजकल सारा काम लगभग मोबाइल पर ही होता है, अगर चाहे कारोबार हो चाहे स्कूल का काम हो कोई भी हो वह सारा मोबाइल पर ही होता है।
आज मोबाइल इतना जरूरी हो गया है कि यदि हमारे पास एक दिन मोबाइल न हो तो अजीब सा लगता है। दूसरी ओर बात की जाए ज्यादा मोबाइल चलाने से बच्चे हो या बड़े। आपसी रिश्ते काफी खराब होते जा रहे हैं। बच्चों की बात की जाए तो ज्यादा मोबाइल देखने से बच्चों की आंखों या अन्य बीमारी के शिकार हो रहे हैं। इसकी वजह से मां-बाप भी काफी परेशान है। अगर बड़ों की बात की जाए तो शादीशुदा वालों की जिंदगी भी सही नहीं चल रही। आपसी रिश्तों की बात करें तो मोबाइल की वजह से काफी खराब हो चुके हैं। कई लोग तो डिप्रेशन का शिकार भी हो चुके हैं। पहले तो लोग एक साथ बैठकर बातचीत करते थे, लेकिन अब ये माहौल देखने को नहीं मिलता।
शहर में ही एक अलग माहौल भी देखने को मिल रहा है। यहां एक 5 साल की बच्ची दीपतृति ने अपने घर वालों को ज्यादा मोबाइल चलाने पर ₹500 जुर्माना लगना शुरू कर दिया है। उसने PM मोदी को अपील की है कि 15 साल से कम बच्चों को मोबाइल ना चलने को कहें। दीप तृति ने कहा कि वह पहले खुद ज्यादा मोबाइल चलाती थी जब उसकी डॉक्टर से बात हुई तो उसने बताया कि डॉक्टर ने उसे मोबाइल चलाने से मना कर दिया। इसे आंखों की बीमारी जहां और कई बीमारियां लग सकती है इसी बात को लेकर दीप तृति ने यह खुद फैसला लिया कि अपने घर वालों को अगर जरूरी बात करनी हो तो तभी मोबाइल चलाएं नहीं तो किसी को उसने ज्यादा मोबाइल चलाते देखा तो उसको ₹500 जुर्माना लगेगा। पहले जुर्माना उसने अपने दादाजी को लगाया, जो पैसे इकट्ठे होते हैं उसको अपने पास रखती है और कोई खास काम पर खर्च करती है। अपने स्कूल का काम खत्म करने के बाद दीप तृति खेलती है और अपने घर वालों से बातचीत करती है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...