मोगा (दलीप कुमार): सावन मास की शिवरात्रि के पावन अवसर पर मंगलवार को मोगा शहर पूरी तरह भगवान भोलेनाथ की भक्ति में रंगा नजर आया। सुबह से ही शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया।इसी कड़ी में 26वीं कांवड़ यात्रा के तहत करीब 125 शिव भक्त कांवड़ लेकर मोगा पहुंचे। कांवड़ियों के शहर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने उनका पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ भव्य स्वागत किया। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिरों में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा।
महिलाओं ने भी उठाई कांवड़, बनीं आकर्षण का केंद्र
इस बार कांवड़ यात्रा में महिला शिव भक्तों की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिलाओं ने भी कांवड़ उठाकर यात्रा में हिस्सा लिया और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं समर्पण का परिचय दिया। महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी से कांवड़ यात्रा का उत्साह और बढ़ गया।
कांवड़ियों के मोगा पहुंचने के साथ ही शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। रास्तों और मंदिरों के आसपास श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की ओर से कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगाए गए और उनका स्वागत किया गया।शिव भक्तों ने कहा कि सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि श्रद्धा, संकल्प, सेवा और आस्था का प्रतीक है।
कांवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं और सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा पूर्ण करते हैं 26वीं कांवड़ यात्रा के सफल समापन पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। देर शाम तक मोगा के विभिन्न शिव मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे और पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
📍 Location: मोगा

