मोगा। पंजाब और केंद्र सरकार की ओर से युवाओं एवं कारीगरों को रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के तहत जिला रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग मोगा और हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, होशियारपुर के सहयोग से गांव घोलिया कलां में एक माह की डिजाइन डेवलपमेंट वर्कशॉप शुरू की गई है। वर्कशॉप के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए देश के 100 जिलों में ‘चौपाल कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हस्तकला से जुड़े कारीगरों की पहचान कर उन्हें आधुनिक एवं उच्चस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करना तथा उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
डिप्टी कमिश्नर मोगा की ओर से जिला रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण अधिकारी को चौपाल कार्यक्रम के लिए जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके तहत जिला रोजगार कार्यालय और हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, होशियारपुर की ओर से जिले के विभिन्न गांवों में चौपाल कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय कारीगरों की पहचान कर उनके आर्टिजन कार्ड भी बनाए गए।
इसी कड़ी में घोलिया कलां में शुरू की गई एक माह की डिजाइन डेवलपमेंट वर्कशॉप के दौरान गांव की 30 महिलाओं को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। यह प्रशिक्षण प्रसिद्ध डिजाइनर आशीष श्रीवास्तव की ओर से प्रदान किया जाएगा।
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को आधुनिक एवं आकर्षक डिजाइन तैयार करने, उत्पादों को बाजार की मांग के अनुसार बेहतर बनाने, सोशल मीडिया मार्केटिंग तथा अपने तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने संबंधी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके लिए स्वरोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा करना है।
इस अवसर पर जिला रोजगार कार्यालय के करियर काउंसलर बलराज सिंह, हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर के प्रतिनिधि केशव, सरपंच घोलिया कलां एकमप्रीत सिंह, सुकीर्ति मलिक, राउंड ग्लास फाउंडेशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य सहयोगी एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
📍 Location: मोगा

