Moga Administration Tightens Vigil on Stubble Burning : मोगा। धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मोगा जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था तेज कर दी है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को खेतों में नियमित गश्त करने, पराली जलाने की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने और किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स और क्लस्टर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। वहीं, जिले में बड़ी संख्या में बेलर उपलब्ध होने से किसान पराली की गांठें बनाकर खेतों से उठवाने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे पराली प्रबंधन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ पराली प्रबंधन के लिए किए जा रहे प्रबंधों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें और खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। डिप्टी कमिश्नर ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स और क्लस्टर अधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में नियमित रूप से फील्ड दौरे करने और लगातार गश्त सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेतों में पराली प्रबंधन की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
जहां भी पराली जलाने की आशंका या ऐसी कोई घटना सामने आए, वहां तुरंत नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को जमीनी स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत बनाने और अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाने की हिदायत दी। डीसी ने कृषि विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया जाए। इसके साथ ही पराली को खेतों में ही मिलाने, आधुनिक कृषि मशीनरी के इस्तेमाल और पराली के अन्य उचित प्रबंधन तरीकों के बारे में भी जानकारी दी जाए, जिससे कि किसान इन विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।

