मोगाः बाघापुराना क्षेत्र के गांव घोलिया कलां में जमीन की सीमा और कब्जे को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर सांझी दीवार तोड़कर उसकी खरीदी हुई 15 मरले जमीन को अपने प्लॉट में मिलाने की कोशिश की। विरोध करने पर लाइसेंसी रिवॉल्वर से धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सहायक थानेदार चरणजीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार शर्मा पुत्र तीरथ सिंह निवासी बाघापुराना ने इस संबंध में शिकायत दी थी। शिकायत में सुरिंदरपाल पुत्र शाम लाल निवासी बराड़ मार्केट, निहाल सिंह वाला रोड, बाघापुराना तथा शंकर दास पुत्र कृष्ण दास और राघव पुत्र शंकर दास, निवासी निहाल सिंह वाला क्षेत्र को नामजद किया गया है।
शिकायत में बताया गया कि संबंधित जमीन और प्लॉट की सीमा को लेकर विवाद है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने वर्ष 2022 में अपने भाई विजय कुमार शर्मा से 15 मरले जमीन इकरारनामे के माध्यम से खरीदी थी। उसके अनुसार, जमीन का कब्जा उसके पास है, लेकिन रजिस्ट्री नहीं होने के कारण संबंधित जमीन का नामांतरण या मालिकाना रिकॉर्ड उसके नाम पर नहीं हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह जमीन मैसर्स विजय श्री इंडस्ट्रीज के प्लॉट के साथ लगती है और दोनों जगहों के बीच सांझी दीवार बनी हुई थी।
आरोप है कि दूसरे पक्ष ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस दीवार को तोड़ने और शिकायतकर्ता की खरीदी हुई जमीन को अपने प्लॉट में मिलाने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर इसका विरोध किया और आरोपियों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की। इसी दौरान सुरिंदरपाल पर लाइसेंसी रिवॉल्वर दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया है।
जांच उपकप्तान पुलिस बाघापुराना द्वारा की गई और वरिष्ठ पुलिस कप्तान मोगा के आदेशों के तहत मामला दर्ज किया गया। दर्ज धाराओं में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं 30, 54 और 59 भी शामिल हैं।
जमीन से जुड़े विवादों में इकरारनामा, रजिस्ट्री, कब्जे और राजस्व रिकॉर्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में जमीन की वास्तविक सीमा और अधिकारों का निर्धारण संबंधित दस्तावेजों तथा जांच के आधार पर किया जाता है। किसी भी पक्ष द्वारा कानून अपने हाथ में लेने या हथियार से धमकाने के आरोप गंभीर माने जाते हैं।
फिलहाल मामला पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के अधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर होगी और आरोपियों की दोषसिद्धि का निर्णय अदालत करेगी।
📍 Location: बाघापुराना

