Site icon Dainik Savera Times

मोगा: फार्मों में मामूली त्रुटियों पर 1000 रुपये लेट फीस वसूलने के फैसले का डीटीएफ ने किया कड़ा विरोध

मोगा। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) पंजाब ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से परीक्षा फार्मों में सुधार और अधूरे फार्मों के नाम पर विद्यार्थियों एवं परीक्षार्थियों से 1000 रुपये लेट फीस वसूलने के फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। शिक्षक संगठन ने इस फैसले को पूरी तरह अनुचित, विद्यार्थी विरोधी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला करार दिया है। संगठन ने बोर्ड प्रशासन से मांग की है कि इस फैसले को तुरंत वापस लेकर विद्यार्थियों को बिना किसी जुर्माने के फार्मों में जरूरी सुधार करवाने की सुविधा दी जाए।

इस संबंध में डीटीएफ पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय पाल शर्मा, जिला इकाई मोगा के अध्यक्ष सुखपालजीत सिंह और कार्यकारी जिला सचिव सुखविंदर सिंह घोलिया ने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी ताजा पत्र में उन विद्यार्थियों और परीक्षार्थियों पर 1000 रुपये की लेट फीस लगाने का प्रावधान किया गया है, जिनके परीक्षा फार्म में कोई त्रुटि रह गई है। इनमें रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज न होना अथवा अन्य जरूरी संशोधन शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि कई बार तकनीकी खामियों, पोर्टल में आने वाली समस्याओं और क्लेरिकल गलतियों के कारण विद्यार्थियों के फार्मों में छोटी-मोटी त्रुटियां रह जाती हैं। ऐसी गलतियों को ठीक करवाने के लिए 1000 रुपये जैसी बड़ी राशि वसूलना विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ अन्याय है। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी फीस जमा करवाना मुश्किल हो जाता है।

जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरमीत सिंह झोरड़ा और उपाध्यक्ष स्वर्णदास ने बोर्ड प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह अपनी प्रशासनिक और तकनीकी कमियों का खामियाजा विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ से वसूलना चाहता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों पर इस तरह का आर्थिक बोझ डालना शिक्षा के अधिकार और समान अवसरों की भावना के विपरीत है।

जिला वित्त सचिव गुरशरण सिंह और जिला संयुक्त सचिव अमनदीप माछीके ने मांग की कि परीक्षा फार्मों में सुधार और रजिस्ट्रेशन नंबर से संबंधित संशोधनों के लिए लगाई गई 1000 रुपये की लेट फीस तत्काल वापस ली जाए। इसके साथ ही बोर्ड का पोर्टल दोबारा खोला जाए, ताकि विद्यार्थी और स्कूल प्रबंधन बिना किसी जुर्माने या अतिरिक्त शुल्क के जरूरी सुधार करवा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों और स्कूलों से जुड़े ऐसे फैसले लेने से पहले शिक्षक संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

डीटीएफ पंजाब ने बोर्ड प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि यह फैसला जल्द वापस नहीं लिया गया तो संगठन विद्यार्थियों और अध्यापकों के हितों की रक्षा के लिए बोर्ड कार्यालय के सामने जोरदार रोष प्रदर्शन करेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रशासन की होगी। इस मौके पर अमनदीप मटवानी, अमरदीप सिंह बुट्टर, जगजीत सिंह रणियां, मोंटू वर्मा, नरिंदर सिंह, दीपक मित्तल, जगजीत सिंह समालसर, नछत्तर सिंह और ममता कौशल सहित जिला कमेटी के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।

📍 Location: मोगा

Exit mobile version