मोगाः सरकारी नशा मुक्ति, पुनर्वास एवं ओओएटी आउटसोर्स कर्मचारी एसोसिएशन पंजाब ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट चेतावनी दी है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि 21 सितंबर तक मांगों को लेकर ठोस अधिसूचना या आदेश जारी नहीं किया गया, तो 22 सितंबर से पंजाबभर के ओओएटी केंद्र बंद कर कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पारस मक्कड़ ने कहा कि ओओएटी, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर लगातार विभाग के समक्ष आवाज उठा रहे हैं। इसके बावजूद मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में 5 नवंबर 2018 से 6 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करना तथा इसके आधार पर बनने वाले बकाये का भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए 9 प्रतिशत और 12 प्रतिशत विशेष वेतन वृद्धि संबंधी नीति के अनुसार मिलने वाला लाभ देने की मांग भी की गई है।
एसोसिएशन ने आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी का दर्जा देने संबंधी पारित विधेयक के अनुसार पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा के अधीन लाने की मांग की है। इसके साथ ही समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने तथा ओओएटी, नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन व अन्य सेवा लाभों में न्याय करने की मांग की गई है।
21 सितंबर तक निर्णय की मांग
प्रदेश अध्यक्ष पारस मक्कड़ ने कहा कि एसोसिएशन ने 21 सितंबर तक मांगों पर ठोस फैसला लेकर अधिसूचना अथवा आदेश जारी करने का समय दिया है। यदि निर्धारित समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो 22 सितंबर से ओओएटी केंद्र बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या अधिकारी के खिलाफ नहीं, बल्कि कर्मचारियों के जायज अधिकारों, सेवा सुरक्षा और सेवा लाभों के लिए है। उन्होंने अपील की कि हड़ताल की नौबत आने से पहले ही कर्मचारियों की मांगों का समाधान किया जाए।
📍 Location: मोगा

