Last Updated: October 23, 2026

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भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले शहीद जोगिंदर सिंह का बलिदान देश के लिए प्रेरणा

October 23, 2026

भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले शहीद जोगिंदर सिंह का बलिदान देश के लिए प्रेरणा

Moga Pays Tribute to Param Vir Chakra Awardee : मोगा। देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह के 64वें शहीदी दिवस पर जिला प्रशासनिक परिसर स्थित उनके स्मारक पर सेना और सिविल प्रशासन ने पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

7 इन्फैंट्री डिवीजन के नेतृत्व में 197 फील्ड रेजिमेंट ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, सैन्य प्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों ने शहीद की वीरता व देशभक्ति को याद किया। इस अवसर पर 17 गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों और विधवाओं को वित्तीय सहायता के चेक भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर देश की रक्षा के लिए शहीद द्वारा दिए गए महान बलिदान को याद करते हुए उनकी वीरता, देशभक्ति और अदम्य साहस को नमन किया गया। समारोह के दौरान सुश्री हर्षिता शर्मा, विशेष कार्य अधिकारी (शहरी विकास), कुलप्रीत सिंह, उप आयुक्त (विकास), मोगा, सतविंदर पाल रणीके, एसडीएम, सतवंत सिंह, डीएसपी, मोगा सहित सेना के अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद के स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। 7 इन्फैंट्री डिवीजन के नेतृत्व में 197 फील्ड रेजिमेंट की ओर से शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह को राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर शहीद की पुत्री कुलवंत कौर और उनके दामाद सब-इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। हर्षिता शर्मा की ओर से कुलवंत कौर को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर जिला रक्षा सेवा कल्याण कार्यालय, मोगा की ओर से 17 गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों और विधवाओं को वित्तीय सहायता के चेक प्रदान किए गए। ये चेक सुश्री हर्षिता शर्मा, कुलप्रीत सिंह, सतवंत सिंह और पूर्व सैनिक अधिकारियों की ओर से लाभार्थियों को सौंपे गए।

समारोह में कैप्टन सूरज पाटिल, 7 इन्फैंट्री डिवीजन, सूबेदार हरकेश सिंह, 7 आर्टिलरी ब्रिगेड, लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. सुखमीत मनिहास (सेवानिवृत्त), उपाध्यक्ष जिला सैनिक बोर्ड, मोगा, लेफ्टिनेंट कर्नल बाबू सिंह (सेवानिवृत्त), मेजर प्रदीप कुमार (सेवानिवृत्त), कैप्टन राज कुमार ऋषि (सेवानिवृत्त), सूबेदार विजय कुमार (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट कर्नल भूपिंदर भोला (सेवानिवृत्त) सहित जिला रक्षा सेवा कल्याण कार्यालय का समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और वीर नारियां उपस्थित थीं।

अपने संबोधन में सुश्री हर्षिता शर्मा ने बताया कि शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह का जन्म मोगा जिले के गांव महला कलां में हुआ था और उनका संबंध इसी गांव से था। वह प्रथम सिख रेजिमेंट में भर्ती हुए थे और वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान अद्वितीय वीरता का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए शहीद हो गए। 23 अक्टूबर, 1962 को सुबह लगभग 5:30 बजे चीनी सेना ने नेफा के तवांग सेक्टर में तोंगपेंग ला चौकी पर हमला कर दिया। इस चौकी की रक्षा की जिम्मेदारी सूबेदार जोगिंदर सिंह की पलटन को सौंपी गई थी।

दुश्मन की संख्या अधिक होने के बावजूद उन्होंने अपने साथी जवानों के साथ मिलकर दुश्मन के पहले दो हमलों को विफल कर दिया। इस दौरान उनकी पलटन को भारी जनहानि हुई और सूबेदार जोगिंदर सिंह स्वयं भी पैर में गोलियां लगने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बचे हुए जवानों का नेतृत्व करते हुए तीसरे हमले का भी डटकर मुकाबला किया। उन्होंने युद्ध के मैदान में वीरता की मिसाल कायम करते हुए अंतिम सांस तक दुश्मन का सामना किया और देश की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।

उनकी अद्वितीय वीरता, उत्कृष्ट नेतृत्व और देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण को सम्मान देते हुए भारत सरकार द्वारा उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। शहीद सूबेदार जोगिंदर सिंह का बलिदान आज भी देशवासियों और युवा पीढ़ी के लिए देशभक्ति, वीरता तथा कर्तव्य के प्रति समर्पण की अमिट प्रेरणा है।

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