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मोगा पुलिस ने किसानों को पराली न जलाने के लिए किया जागरूक

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मोगा। पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिला मोगा पुलिस की ओर से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डीएसपी मुख्यालय मोगा मनमोहन सरना ने गांव रौली की अनाज मंडी के अलावा गांव बुघीपुरा और महिणा में किसानों के खेतों में पहुंचकर उनसे बातचीत की और धान की पराली को आग लगाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया।

इस दौरान डीएसपी मनमोहन सरना ने किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य और जमीन की उपजाऊ शक्ति पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से निकलने वाला जहरीला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है, जिससे लोगों को सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, धुएं के कारण सड़कों पर दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

उन्होंने बताया कि पराली को आग लगाने से जमीन में मौजूद मित्र कीट और मिट्टी के लिए जरूरी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता और उपजाऊ शक्ति प्रभावित होती है, जिसका असर कृषि उत्पादन पर भी पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम), नई दिल्ली तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया।

डीएसपी ने किसानों से अपील की कि वे पराली के निपटारे के लिए कृषि विभाग की ओर से सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा रही आधुनिक कृषि मशीनों का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर और बेलर जैसी मशीनों के माध्यम से पराली का उचित प्रबंधन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाकर पराली को खेतों में जलाने से बचाया जा सकता है और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को भी बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पराली न जलाना केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण देने के लिए सभी का साझा कर्तव्य है। किसानों को चाहिए कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें तथा दूसरे किसानों को भी पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक करें।

इस मौके पर डीएसपी ने बताया कि जिला मोगा पुलिस की ओर से पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार गश्त, खेतों में निगरानी और जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पराली जलाने संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लागू कानूनी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान गांवों के गणमान्य व्यक्तियों और किसानों ने पर्यावरण संरक्षण तथा प्रशासन की हिदायतों का पालन करने का भरोसा दिलाया।

📍 Location: मोगा

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