मोगा: कोट इसे खां थाने की एसएचओ रहते हुए 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार की गई सब इंस्पेक्टर सुनीता बावा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने अब उसके खिलाफ पहले से लंबित शिकायतों की जांच भी दोबारा शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग और विजिलेंस के पास उसके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें से कुछ शिकायतों की जांच लंबित थी। विजिलेंस अब पुराने शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर इन शिकायतों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाने में लगा है।
सुनीता बावा वर्ष 2011 में पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुई थी। इसके बाद उसने विभागीय बी-1 परीक्षा पास कर हेड कांस्टेबल का पद हासिल किया। कुछ समय बाद विभागीय परीक्षा के माध्यम से वह सब इंस्पेक्टर बनी। एसआई बनने के बाद उसकी मोगा जिले के विभिन्न थानों में बतौर एसएचओ तैनाती रही।
50 हजार लेते गनमैन समेत हुई थी गिरफ्तारी
विजिलेंस ब्यूरो ने 26 सितंबर की रात सुनीता बावा और उसके सरकारी गनमैन होमगार्ड जवान गुरअवतार सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। नूरपुर हकीमा निवासी बलवंत सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि थाने में दर्ज मामले में उसे नामजद न करने और केस को निपटाने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। तय योजना के तहत जीरा रोड पर एक स्थान पर गवाहों की मौजूदगी में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एसएचओ सुनीता बावा और उसके गनमैन को गिरफ्तार कर लिया गया। 27 सितंबर को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को रिमांड मिला।
मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सुनीता बावा के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। अधिकारियों द्वारा उसके और गनमैन गुरअवतार सिंह के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी से पहले किन नंबरों से लगातार बातचीत हुई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। मोबाइल से हटाए गए संदेशों, चैट और ऑनलाइन लेनदेन की डिजिटल जांच के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बिचौलियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
विजिलेंस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या पुलिस विभाग या बाहरी लोगों में कोई ऐसा व्यक्ति था, जो पुलिस मामलों को निपटाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। ऐसे लोगों की पहचान करने के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी अन्य व्यक्ति की इस तरह के मामलों में भूमिका रही है।
संपत्ति और बैंक खातों का भी होगा परीक्षण
विजिलेंस अब सुनीता बावा और उसके परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों की जानकारी भी जुटा रही है। मकान, प्लॉट, व्यावसायिक संपत्ति और कृषि भूमि से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही उसके और उसके करीबियों के बैंक खातों, एफडी तथा बैंक लॉकरों की जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जांच में यदि उसकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में संपत्ति अधिक पाई जाती है तो आय से अधिक संपत्ति के संबंध में अलग से कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुराने थानों में तैनाती के दौरान मामलों की भी होगी समीक्षा
सुनीता बावा मोगा जिले के अलग-अलग थानों में एसएचओ के तौर पर तैनात रह चुकी है। ऐसे में विजिलेंस उसके पुराने कार्यकालों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। उसके कार्यकाल में निपटाए गए मामलों, लंबित रखी गई फाइलों और संदिग्ध तरीके से बंद किए गए मामलों की समीक्षा की जा रही है। विजिलेंस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट होगा कि मौजूदा रिश्वत मामले के अलावा पुराने मामलों में भी कोई आपराधिक या विभागीय कार्रवाई बनती है या नहीं।
📍 Location: मोगा
मेष: दिन शुभ रहेगा...