Last Updated: November 5, 2026

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26 साल से इंसानियत की मिसाल बनी मोगा की समाज सेवा सोसायटी, हजारों बेसहारों को दिया सहारा

August 8, 2026

26 साल से इंसानियत की मिसाल बनी मोगा की समाज सेवा सोसायटी, हजारों बेसहारों को दिया सहारा

मोगा: आज के दौर में जहां अधिकांश लोग अपने तक ही सीमित रह जाते हैं, वहीं मोगा की समाज सेवा सोसायटी पिछले 26 वर्षों से मानवता की मिसाल कायम किए हुए है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना, लावारिस शवों का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार करना, धार्मिक आयोजनों में सेवा देना और जरूरतमंदों की हर संभव सहायता करना इस संस्था की पहचान बन चुका है। सोसायटी के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह सन्यासी ने बताया कि संस्था की शुरुआत सड़क हादसों में घायलों की मदद और मेडिकल कैंपों के आयोजन से हुई थी। समय के साथ सेवा का दायरा लगातार बढ़ता गया और आज संस्था एंबुलेंस सेवा, लावारिस शवों के अंतिम संस्कार, नहरों व अन्य स्थानों से मिलने वाले शवों की देखरेख तथा समाज हित के अनेक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है।उन्होंने बताया कि संस्था अब तक हजारों लावारिस शवों का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर चुकी है। इतना ही नहीं, अस्थियों का विधिवत विसर्जन और बाद में अखंड पाठ के भोग भी करवाए जाते हैं, ताकि हर व्यक्ति को सम्मानजनक विदाई मिल सके।

गुरसेवक सिंह सन्यासी ने कहा कि सेवा का मार्ग आसान नहीं होता। कई बार स्वयंसेवकों को भीषण सड़क हादसों, दुर्गंध भरे माहौल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।संस्था से जुड़े युवाओं ने बताया कि वे गुरसेवक सिंह सन्यासी की प्रेरणा से इस सेवा कार्य का हिस्सा बने हैं। उनका कहना है कि युवाओं को सोशल मीडिया पर समय व्यर्थ करने के बजाय समाज सेवा में आगे आना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों की जान बचाई जा सके और दुखी परिवारों का सहारा बना जा सके।वर्तमान में समाज सेवा सोसायटी के पास चार सेवा वाहन हैं। इनके माध्यम से सड़क हादसों में घायलों को अस्पताल पहुंचाने, लावारिस शवों को ले जाने तथा अन्य आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। संस्था के सभी स्वयंसेवक अपने निजी कार्यों से ऊपर उठकर हर समय मानवता की सेवा के लिए तैयार रहते हैं।

लोगों से सहयोग की अपील

गुरसेवक सिंह सन्यासी ने आमजन से इस सेवा अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार तन, मन, धन या “तिल-फूल” का योगदान देकर मानवता की इस मुहिम को मजबूत बना सकता है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसी संस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचा सकती हैं। 26 वर्षों से जारी यह सेवा यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि सेवा का संकल्प सच्चा हो तो एक छोटी-सी पहल भी हजारों लोगों के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी बन सकती है।

📍 Location: मोगा

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