Last Updated: October 10, 2026

Dainik Savera Times Logo

सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने फसल विविधीकरण के लिए पंजाब को 20,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग रखी

March 21, 2025

सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने फसल विविधीकरण के लिए पंजाब को 20,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग रखी

होशियारपुर (पंजाब): शुक्रवार को सदन में किसानों की चिंताओं को उठाते हुए सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने राज्य में फसल विविधीकरण के लिए 20,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की।

संसद में किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने राज्य के किसानों की मौजूदा दुर्दशा पर प्रकाश डाला और केंद्र सरकार से देश के विकास में किसानों के योगदान को नजरअंदाज न करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण देश भर में किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, इसलिए केंद्र को उनकी मांगों को पूरा करना चाहिए।

डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि पंजाब में खेती योग्य भूमि का मात्र 3% हिस्सा (42 लाख हेक्टेयर) है, इसके बावजूद राज्य कुल गेहूं उत्पादन में 18% गेहूं, 11% चावल और 4% कपास का केंद्रीय पूल में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने पहले ही देश में गन्ना उत्पादकों को उच्चतम गन्ना मूल्य दिया है और राज्य में मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए गन्ना किसानों को उच्चतम राज्य-स्वीकृत मूल्य (एसएपी) यानी 400 रुपये से अधिक दिया है। इसके अलावा, राज्य सरकार चावल की सीधी बुवाई करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1500 रुपये की वित्तीय सहायता भी दे रही है।

सांसद चब्बेवाल ने अपील की कि राज्य सरकार विविध फसलों को बढ़ावा देकर धान और गेहूं के दुष्चक्र को तोड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और केंद्र को उक्त उद्देश्य के लिए 20,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देकर राज्य के प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिए।

स्वतंत्रता संग्राम और हरित क्रांति में पंजाबियों के योगदान का जिक्र करते हुए डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि पंजाब हमेशा से ही देश को खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने में अग्रणी रहा है।

अन्य फसलों पर भी एमएसपी की मांग करते हुए डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि देश का किसान कृषि परिदृश्य में बदलाव और कृषि इनपुट की कीमतों में वृद्धि के कारण कई चुनौतियों और समस्याओं का सामना कर रहा है, इसलिए केंद्र को विशेष रूप से कठिन समय में किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए।

ये भी पढ़ें- बारातियों से भरी बस और ट्रक की भीषण टक्कर, 6 की मौत, 7 घायल, मची चीख-पुकार

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें