अमृतसर। अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र के आर्थिक विकास और व्यापार को दोबारा पटरी पर लाने के लिए सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमृतसर के बॉर्डर बेल्ट के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की मांग करते हुए उन्हें एक पत्र सौंपा।
औजला ने अपने पत्र में कहा कि अटारी, अजनाला, रमदास और आसपास के सीमावर्ती गांव लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच बॉर्डर ट्रेड बंद होने का सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्टरों, क्लियरिंग एजेंटों, मजदूरों, व्यापारियों, वेयरहाउस और सीमा व्यापार से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवारों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर भी पर्याप्त नहीं हैं, जिसके चलते उद्योग और निवेश पड़ोसी राज्यों की ओर जा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की कमी युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
बाढ़ और खराब मौसम से भी हुआ नुकसान
सांसद ने वित्त मंत्री को बताया कि अजनाला और रावी क्षेत्र समेत बॉर्डर बेल्ट को बार-बार बाढ़ और खराब मौसम का सामना करना पड़ता है। इससे सड़कों, कृषि और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष विकास योजना की जरूरत है। औजला ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब और अटारी-वाघा बॉर्डर के कारण अमृतसर देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद बॉर्डर बेल्ट को उसकी रणनीतिक और आर्थिक अहमियत के अनुरूप विकास नहीं मिल पाया।
इन क्षेत्रों के लिए मांगा विशेष पैकेज
औजला ने केंद्र से बहुवर्षीय विशेष वित्तीय पैकेज मंजूर करने की मांग करते हुए इसमें—
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औद्योगिक पुनरुद्धार, नए निवेश और एमएसएमई विकास
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स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और उद्यमिता
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आधुनिक सड़कें, पुल और बेहतर कनेक्टिविटी
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बाढ़ से बचाव के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
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बॉर्डर ट्रेड बंद होने से प्रभावित कारोबारियों के पुनर्वास की योजना

