Last Updated: October 3, 2026

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सांसद Gurjeet Singh Aujla ने किया अजनाला के OAT सैंटरों का दौरा

July 15, 2026

सांसद Gurjeet Singh Aujla ने किया अजनाला के OAT सैंटरों का दौरा

अमृतसर : सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सोमवार को अजनाला हलके के चमियारी स्तिथ ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमैंट (OAT) सैंटर का दौरा कर वहां इलाज करा रहे नशा पीड़ितों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा युद्ध नशेयां विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति को समझे बिना इस लड़ाई को निर्णायक रूप से नहीं जीता जा सकता। इसी उद्देश्य से वह विभिन्न OAT सैंटरों का दौरा कर रहे हैं, ताकि वास्तविक हालात की रिपोर्ट सरकार तक पहुंचाई जा सके।

औजला ने बताया कि केवल अजनाला के OAT सैंटर में ही लगभग 650 मरीज पंजीकृत हैं, जो नियमित रूप से दवा लेने पहुंचते हैं। उन्होंने मरीजों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकांश मरीजों ने बताया कि वे चार से पांच वर्षों से नशे की लत से जूझ रहे हैं और दवा लेने के बावजूद पूरी तरह नशे से बाहर नहीं निकल पाए हैं। सैंटरों की स्थापना का उद्देश्य मरीजों को धीरे-धीरे नशे से मुक्त करना था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कई जगह यह केवल एक नशे के विकल्प तक सीमित होकर रह गई है।

यदि मरीजों को मनोवैज्ञानिक उपचार, नियमित काउंसलिंग, पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक सहयोग नहीं मिलेगा तो स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई मरीजों से पूछा कि क्या कभी उनकी नियमित काउंसलिंग हुई, क्या किसी मनोचिकित्सक ने उनका उपचार किया या उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योग, व्यायाम, पुनर्वास शिविर अथवा अन्य गतिविधियां कराई गईं। अधिकांश मरीजों का जवाब नकारात्मक था। केवल दवा देकर सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं मान सकती। औजला ने कहा कि अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। जब दवा समय पर नहीं मिलती या उसकी उपलब्धता में समस्या आती है तो कई लोग दोबारा अवैध नशे का सेवन शुरू कर देते हैं।

मरीजों ने उन्हें बताया कि अवैध नशा बेहद आसानी से उपलब्ध हो जाता है और बहुत कम कीमत पर घर तक पहुंचा दिया जाता है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। मरीजों ने स्वीकार किया कि नशे की तलब इतनी ज्यादा होती है कि यदि समय पर दवा या नशा न मिले तो उनकी हालत बिगड़ जाती है। यही कारण है कि कई लोग मजबूरी में दोबारा नशे की गिरफ्त में चले जाते हैं, जिससे चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी वृद्धि होती है।

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